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"Scary Duplicates" - Hindi Horror Story

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"Scary Duplicates" - Hindi Horror Story

यह कहानी एक व्यक्ति के अनुभव पर आधारित है जो अपनी पड़ोसन के बारे में एक भयानक सच्चाई का पता लगाता है। कथावाचक एक फ्लैट में रहता है और उसकी पड़ोसन, जिसके पति की मृत्यु हो चुकी है, बहुत ही अजीब व्यवहार करती है। एक दिन वह देखता है कि उसका हाथ अलौकिक रूप से लंबा होकर गिरती हुई छड़ी को पकड़ लेता है, जो मानवीय क्षमता से परे है। इसके बाद उसे अपने घर के बाहर एक बॉक्स मिलता है जिसमें उसकी गुप्त तस्वीरें होती हैं, जो दिखाती हैं कि पड़ोसन उसकी जासूसी कर रही है। जब वह उसका सामना करने जाता है, तो वह उसे जबरन अपने घर खींच लेती है। वहाँ उसका असली रूप सामने आता है—हरी जीभ, लंबे हाथ और राक्षसी चेहरा। कथावाचक बेहोश हो जाता है और जब उठता है, तो पाता है कि उसके हाथ से हरा खून निकल रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि वह भी उसी अलौकिक प्राणी में बदल रहा है। पुलिस को बुलाने के बावजूद पड़ोसन गायब रहती है। कहानी का निष्कर्ष यह है कि हमारे आस-पास के लोग, जिन्हें हम जानते हैं, वे भी इंसान नहीं हो सकते हैं, और ऐसे अजीब लोगों से दूर रहना ही बेहतर है। यह एक चेतावनी भरी डरावनी कथा है जो श्रोताओं को सतर्क रहने की सलाह देती है।

Transcription

1573 Words, 6998 Characters

Hindi
क्या आप डर को और सही मायनों में महसूस करना चाहते हैं? अगर हाँ, तो हमारे टाइम पोर्ट कास्ट में आपका स्वागत है। मैं सार्थक मिश्रा, हर वेडनेसडे ऐंड सैटरडे डरावनी कहानियाँ आपके सामने लेकर आता हूँ। सुनिए हो ऑर टाइम पॉडकास्ट को मेरी आवाज़ में एक्स्क्लूसिव्ली ऑन स्पॉटिफाइ 45 पर हर टाइम पॉडकास्ट को फॉलो करने के बाद दबाना न भूलें ताकि आपको नई कहानियों का अपडेट मिले। सबसे पहले आई नो ये सुनने में अजीब लगेगा मगर आप लोगों को ये जानना चाहिए। मुझे पता है ये सुनने में जितना एपिसोड लगने वाला है, मुझे भी एक पल को उतना ही ज्यादा नरियल और ऐब्सर्ड ये लगा था। लेकिन क्या होगा अगर मैं आपको कहूँ अभी इस वक्त आपके दिमाग में जो भी आपका सबसे ज्यादा क्लोज़ इंसान आ रहा है। हो सकता है इसमें कुछ लोग ऐसे भी इन्क्लूडेड हो जिनके बारे में आप कभी भी जो है आपको बताने वाला हूँ उस नजरिये से ना सोचे हो मगर मैं आपको बताऊँगा। शायद आपका जो भी वो इंसान है जिसे आप बहुत ही ज्यादा प्यार करते हैं, जो की आपका निअर बन जाय। अगर आप उस इंसान के बारे में सोच चूके हैं तो मैं आपको बता दू हो सकता है और वो इंसान रियलिटी में एग्जिस्ट करता ही ना हो। वो इंसान इंसान हो ही ना? इन सारी बातों का बेस आई अंडरस्टैंड कोई भी इंसान यही सोचेगा और ये मैं किसी पर थोप नहीं रहा हूँ। यह सिर्फ और सिर्फ वही चीज़ है जो कि मैंने ऑब्जर्व करी और मैं दुनिया के सामने लाना चाहता हूँ। मेरी नेबर। मैं एक फ्लैट में रहता हूँ और ठीक मेरी नेबर। वो होंगे राउण्ड सेवन टीज़ में उनके हस्बैंड की डेथ हो चुकी है। ट्रस्ट मी वो लेडी बहुत ही ज्यादा विर्ड है। आई मीन आई अंडरस्टैंड ये एक सुनने में थोड़ा सा अजीब लगेगा बिकॉज़ एक सैवन्ट ईयर ओल्ड वो क्या है ये अजीब कर सकती। बट प्लीज़ एक बार मेरी बात अच्छे से सुनना। तकरीबन आज से 4 दिन पहले। मैं अपनी बालकनी में था। वो हमेशा की तरह ही बालकनी में आई और वो वहाँ पर सुबह की चाय पी रही थी। वो वहाँ पर सुबह की चाय पी रही थी लेकिन आज के दिन ऐक्चुअली हवा बहुत ज्यादा तेज़ चल रही थी। इन फैक्ट मैं भी अपना न्यूज़ पेपर लेकर बाहर ही जा रहा था लेकिन पीजी इस बार बार उड़ रहे थे। उस वक्त मैंने अपने पेजेस को सँभाला मैं बस अंदर जाने ही वाला था की मैं पलट कर के देखता हूँ। वो आंटी के हाथ में एक स्टिक थी उन्होंने वो स्टिक बालकनी के साइड में रखी हुई थी। साइड से उनकी रेलिंग हल्की सी टूटी हुई थी। वो स्टिक अपनी आप ही बस उस कोर्नर में हवा की वजह से गिरी और वो बस नीचे गिरने ही वाली थी। ठीक जैसे ही ऐसा होता है। मैं देख सकता था वो आंटी का हाथ एकदम सी बोहोत ही ज्यादा स्ट्रेच आउट हो जाता है। वो बहुत ही ज्यादा लम्बा हो जाता है और वो सी बस उठा लेती है। वो लगभग बालकनी से नीचे गिर चुका था, ह्यूमन ली पॉसिबल था ही नहीं की कोई उसी कैसे पकड़ सकता है? मैंने ये होते हुए अपनी आँखों से देखा। ट्रस्ट मी मैं एक पल को ये सारी चीज़ो पर यकीन ही नहीं कर पाया लेकिन वो ना आंटी ने मेरी तरफ देखा और ने एक अजीब सी स्माइल करी। उनकी चेहरे को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कि मानो फॉरेन सेकंड मुझे ये ऐसा लगा जैसे कि मानो ह्यूमन है ही नहीं। वो एक अलग ही एनटीटी है, जो की बस उनके अंदर हैं। मुझे ये बहुत ही ज्यादा विर्ड इंसिडेंट लगा। लेकिन फिर चीजें और भी ज्यादा अजीब होती गई। मैं अब उनकी ये ऐक्टिविटी देखने के बाद बिलीव ही नहीं कर पा रहा था की ये क्या चीज़ है सच? मुझे इस इंसिडेंट के बाद ऐक्चुअली चीजें बहुत ही ज्यादा बिड लगने लगी। मेरा दिमाग वहीं पर्यटक चुका था। मुझे अब ये चीज़ फ़िगर आउट करनी ही थी की ये क्या है? मैं डिसाइड कर लिया था किसी भी हालत में मुझे इस जगह के बारे में पता लगाना है। ये औरत कौन है? मैंने सोसाइटी में कुछ लोगों से बात करने की कोशिश करें। उन सब के अकॉर्डिंग इनके हस्बैंड की डेथ हो चुकी है। वो यहाँ पर रहती है। किसी को और इसके बारे में कुछ पता ही नहीं है। एक तो प्लेस वेरी लाइव वहाँ पर लोग ऑलरेडी बहुत ज्यादा बीज़ी होते हैं लेकिन ये चीज़ ये बहुत ही ज्यादा विर्ड थी लेकिन इस इंसिडेंट के बाहर चीजें और भी ज्यादा विर्ड हुई जब मैंने एक बार जब मैं घर आया, मैंने ठीक अपनी डोर के बाहर एक बॉक्स को देखा। उस बॉक्स में लिखा हुआ था। फ्लैट नम्बर 102। मेरा 101 था 102 ठीक मेरे बगल में था जो की मेरे नेबर का था बस बॉक्स के अंदर लेकर गया। मैं जैसे ही उस बॉक्स को अंदर लेकर गया। उसके अंदर कुछ फोटोग्राफ से। मैं देखकर डर गया कुछ फोटोग्राफ्स थी, मैं अपनी ही बालकनी में था, कुछ फोटोग्राफ्स थी, मैं अपने हॉल में टीवी देख रहा था और किसी ने बालकनी से मेरी फोटो ली हो। बालकनी बहुत दूर है। केस दे ऐसा कुछ भी हो सकता है। मैं ये देखकर डर गया था, मुझे गुस्सा भी आ रहा था की ये कौन है, ये इन्हें क्या चाहिए? और ये मेरी फोटोस की ओर ले रही है। मैं उनके घर के। मैंने डोर बेल बजाना चालू करें और कुछ 2 मिनट कहूं? मगर मेरे दिमाग में थे। कई सारी सवाल मैं उनसे कुछ कहता की उन्होंने कहा। अंदर बैठो। नहीं, मैं ठीक हूँ, मैं कहती हूँ अंदर बैठो, उन्होंने ऐसा कहा और एक झटके से उनका हाथ मेरी कॉलर पर आया और उन्होंने मुझे ये अंदर की और धक्का दे दिया। मैं नीचे गिरा। उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया। और इस बार मैं उनके घर को पहली बार अंदर से देखा। बिलकुल ठंडा। अगर कोई इंसान वहाँ पर कैसे रह सकता है? ऐसा लग रहा था जैसे कि मानो वहाँ पर सड़ने की बू आ रही है। लेकिन उनको देखकर ऐसा लग रहा था जैसे की मान उन्हीं ज़रा भी फर्क नहीं पड़ रहा। उनके लिए ये सबसे ज्यादा अच्छी और कॉनवर्ट इन जगह है। मैं ये देखकर डर चुका था। उन्हें कुछ कहने ही वाला था की मैं इस बार उनके चेहरे को देख सकता था। उनकी जी बाहर आ गयी थी। वो एक राक्षस की तरह अपनी जी बाहर निकालकर खड़ी हुई थी। उसके अंदर से ये वो हरी कलर की जिब जिससे की ऐसा लग रहा था जैसे कि मानो अभी पांव पर एक को महसूस कर सकता था। मैं अपने पांव को देखता हूँ तो वही औरत का हाथ मेरे पांव पर होता है। वो मुझसे काफी दूर थी लेकिन उसका वो हाथ ऐसा लग रहा था जैसे कि मानो स्ट्रेच आउट हो चुका है। जो की ह्यूमन ली किसी भी तरीके से पॉसिबल था ही नहीं। मैं डर चुका था। मैं घबराते हुए उनकी तरफ देखा, वो मुझे धीरे धीरे घसीटती हुई अपने पास देखकर आ रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे कि मानो वो मेरी पूरी एनर्जी भी सोक करती जा रही है। एक पॉइंट आया जब मैं बेहोश हो गया। मुझे कुछ समझ में नहीं आया। मेरी नींद उनके अपार्टमेंट में खोली। मैं डिनर टेबल पर था, मैं लेटा हुआ था मुझे ऐसा लगा जैसे की मान लूँगा वही पर गिरकर बेहोश हो गया हो या फिर मुझे वहाँ पर लेटाया गया है। मैं उस रूम में उठा रात हो चुकी थी वो औरत मुझे नजर नहीं आ रही थी मैं बस दौड़कर मेन डोर तक क्या इन सरप्राइज़ इन्हीं वो मेन डोर दर्द महसूस होने लगा क्योंकि मुझे कई दिन से हो रहा था और जैसे ही मैंने अपने हाथ को देखा। वही देगा। अजीब सी चोट जिससे मैं आज तक इग्नोर करता आया था, उससे एक अजीब सा हरे रंग का ब्लड निकल रहा था। वो सबस्टैन्स ऐसा लग रहा था जैसे मेरी ये मैं इसके पहले की कुछ करता वो फिर से अंदर की और चले गए। मैं फिर से सेक्रेटरी साहब के पास गया लेकिन इस बार उन्होंने मेरी बात नहीं मानी। मैं फिर से ही उसी डोर को खोलने की कोशिश कर रहा है लेकिन वहाँ पर कोई भी नहीं था। पुलिस को भी इन्वॉल्व किया गया, लेकिन वो औरत आज भी नहीं नजर आयीं। लेकिन मैं एक चीज़ समझ चुका हूँ। वो और दुर्गम की मर गई थी। ये एनटीटी उसका रूप लिया और उसे एनटीडी ने अब मेरे जैसा दिखने वाली भी एक चीज़ फाइनली बना दी है। आई डोंट नो वो कहाँ पर है और क्या होगा मेरे साथ? बट मैं आप लोगों को यही बताना चाहता हूँ आपका फ्रेंड आपका नेबर या फिर कोई भी इंसान अगर आपको लगता है की वो थोड़ा सा वेड। तो मैं ये नहीं कहूंगा की वो वही एनटीटी है, लेकिन प्लीज़ उससे साफ धान रहे। एनीवे मैं हूँ, आपका हो सार्थक मिश्रा और आप सुन रहे थे और इंपोर्ट काज को भी चेस एक्स्क्लूसिव्ली अवेलेबल ऑन स्पॉटिफाइ अगर आप सब लोगों ने यौरे टाइम पोर्ट का स्टॉफ को फॉलो नहीं किया है तो प्लीज़ ऑर ए टाइम पॉडकास्ट को फॉलो कर ले क्योंकि मैं हर वेडनेसडे सैटरडे लेकर आता हूँ। ऐसे ही अजीबोगरीब और डरावनी कहानियाँ आप लोगों के सामने चलिए। मैं मिलता हूँ आपसे अगली कहानी में तब तक के लिए। डेकेर बाइ ऐम प्लीज़ डोंट स्टॉप लिसनिंग टु ठे होरे टाइम पॉडकास्ट।

Podcast Summary

Key Points:

  1. यह एक डरावनी कहानी है जो सार्थक मिश्रा द्वारा टाइम पोर्ट कास्ट पर सुनाई गई है।
  2. कथावाचक अपनी पड़ोसन (आंटी) के अजीब व्यवहार को देखता है, जिसका हाथ अलौकिक रूप से लंबा हो जाता है।
  3. उसे अपनी फोटोज़ मिलती हैं जो उसकी जासूसी का संकेत देती हैं।
  4. पड़ोसन उसे अपने घर खींच लेती है, जहाँ वह एक राक्षसी जीभ और हरे रंग के खून के साथ एक अलौकिक प्राणी के रूप में प्रकट होती है।
  5. कथावाचक बेहोश हो जाता है और बाद में पाता है कि वह खुद उसी प्राणी में बदल रहा है।
  6. कहानी का संदेश है कि अजीब लोगों से सावधान रहें, क्योंकि वे इंसान नहीं हो सकते।

Summary:

यह कहानी एक व्यक्ति के अनुभव पर आधारित है जो अपनी पड़ोसन के बारे में एक भयानक सच्चाई का पता लगाता है। कथावाचक एक फ्लैट में रहता है और उसकी पड़ोसन, जिसके पति की मृत्यु हो चुकी है, बहुत ही अजीब व्यवहार करती है। एक दिन वह देखता है कि उसका हाथ अलौकिक रूप से लंबा होकर गिरती हुई छड़ी को पकड़ लेता है, जो मानवीय क्षमता से परे है। इसके बाद उसे अपने घर के बाहर एक बॉक्स मिलता है जिसमें उसकी गुप्त तस्वीरें होती हैं, जो दिखाती हैं कि पड़ोसन उसकी जासूसी कर रही है। जब वह उसका सामना करने जाता है, तो वह उसे जबरन अपने घर खींच लेती है। वहाँ उसका असली रूप सामने आता है—हरी जीभ, लंबे हाथ और राक्षसी चेहरा। कथावाचक बेहोश हो जाता है और जब उठता है, तो पाता है कि उसके हाथ से हरा खून निकल रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि वह भी उसी अलौकिक प्राणी में बदल रहा है। पुलिस को बुलाने के बावजूद पड़ोसन गायब रहती है। कहानी का निष्कर्ष यह है कि हमारे आस-पास के लोग, जिन्हें हम जानते हैं, वे भी इंसान नहीं हो सकते हैं, और ऐसे अजीब लोगों से दूर रहना ही बेहतर है। यह एक चेतावनी भरी डरावनी कथा है जो श्रोताओं को सतर्क रहने की सलाह देती है।

FAQs

जी हाँ, कथावाचक ने सोसाइटी के लोगों से पूछताछ की, लेकिन उन्हें केवल यही पता चला कि पड़ोसन के पति की मृत्यु हो चुकी है और वह अकेली रहती है। बाद में, जब वह उसके घर से भाग निकला, तो उसने अस्पताल जाकर इलाज कराया और फिर पुलिस को सूचित किया, लेकिन पड़ोसन नहीं मिली।

अस्पताल में भागने के बाद, कथावाचक को अपने हाथ पर एक पुरानी चोट से हरे रंग का खून निकलता हुआ दिखाई दिया। यह पहली बार था जब उसने इस पर ध्यान दिया, और यह उसके शरीर में हो रहे अजीब बदलाव का संकेत था।

हाँ, जब कथावाचक अस्पताल से लौटा, तो उसने देखा कि पड़ोसन का दरवाज़ा खाली था और वह गायब हो चुकी थी। इसके अलावा, उसे अपने हाथ पर हरे रंग का खून मिला, जो उसके साथ हुई घटना का एकमात्र शारीरिक सबूत था।

प्रतिलेख में इसका कोई उल्लेख नहीं है कि कथावाचक ने पुलिस को तस्वीरों का बॉक्स दिखाया। उसने सबसे पहले पड़ोसन के घर जाकर शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन वहाँ उसके साथ जो हुआ, उसके बाद वह बेहोश हो गया और बाद में सीधे अस्पताल गया।

कथावाचक ने सोसाइटी के लोगों से पूछताछ के दौरान यह जाना कि पड़ोसन के पति की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन पड़ोसन के बारे में किसी को कुछ नहीं पता था। अंत में, उसने अनुमान लगाया कि पड़ोसन की मृत्यु हो चुकी थी और कोई अलौकिक एन्टिटी उसका रूप धारण कर रही थी।

नहीं, कथावाचक ने बताया कि पड़ोसन उसके घर से भागने के बाद कभी नहीं मिली। पुलिस की जाँच के बावजूद, वह औरत आज भी नहीं मिली, और कथावाचक का मानना है कि उसने उसकी जगह लेने के लिए एक और चीज़ बना ली है।

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