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Hemlata & Bhoop Kishore Palia

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Hemlata & Bhoop Kishore Palia

इस प्रतिलेख में वक्ताओं ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने ईश्वर, परिवार और स्पॉन्सरों का धन्यवाद किया। एक वक्ता ने बताया कि कैसे उन्होंने मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से आकर व्यवसाय शुरू किया, जहां उनके पिता व्यवसाय में थे, लेकिन बदलाव के कारण असुरक्षा थी। 2002 में इस व्यवसाय के उत्पादों का उपयोग करने के बाद अच्छे परिणाम मिले और उन्होंने इसे अपनाने का फैसला किया। पत्नी और बच्चों के सहयोग से उन्होंने व्यवसाय को बढ़ाया, जिससे 2009 में जीवन बदल गया और उन्हें 300 ग्राम सोना और विदेश यात्राएं मिलीं। दूसरे वक्ता ने बताया कि कैसे उन्होंने पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाली और डिस्क पेन जैसी स्वास्थ्य समस्या का समाधान व्यवसाय के उत्पादों से पाया। उन्होंने आत्म-विश्वास और नियमित प्रयास पर जोर दिया, जिससे वे सफल हुए। सुमित और तानिया जी के नेतृत्व को भारत के भविष्य के लिए प्रेरणादायक बताया गया। अंत में, उन्होंने उत्पादों का पूर्ण उपयोग और योजना को निरंतर साझा करने पर जोर दिया, जिससे सफलता मिलती है।

Transcription

2721 Words, 12463 Characters

Hindi
धन्यवाद परमात्मा धन्यवाद से ही दादाजी धूनीवाले धनवाद हमारी मम्मी धन्यवाद, हमारी पिताजी श्री रमेशचन्द्र जी पल्ली है आपके आशीर्वाद से हमें बिशु की सबसे बेहतरीन अपार्चुनिटी समझ में आयी। हम आभारी हूँ परमात्मा का जिसने मुझे इस बात को समझने की समझ दी। अवसर हर व्यक्ति को मिलता है, समय में आ जाना परमात्मा की ब्लेसिंग है। धन्यवाद हमारी स्पॉन्सर ऑफ़लाइन जिनकी लिस्ट में मेरा नाम था, क्योंकि आज भी ऐसे लाखों लोग हैं जिन्हें आज इस व्यापार के बारे में किसी ने कभी कोई चर्चा नहीं की। डर लगता है, डर जाता हूँ। कई बार मैं यह सोच कर की अगर मेरी अप लाइन की लिस्ट में मेरा नाम नहीं होता तो दोस्तों में कहाँ होता? अब इसके आगे में कोई भी बात करूँ तो मैं चाहूंगा कि मेरी पत्नी जो मेरी बहुत बेस्ट फ्रेंड है। वो जिनका मेरे जीवन में बहुत महत्त्व है और मैं जब उन्हें बुला हूँ उनका नाम है हेमलता पाल लिया और प्यार से मैं उनसे बोलता हूँ हेमा पा लिया है तो अब मैं मेरी क्राउन वाइफ से बोलूँगा की अब वो बदला है अपने बारे में तो उन्हें क्या मिला? नमस्कार, सबसे पहले थैंक्स करती हूँ भगवान का, जिनकी आशीर्वाद से हमने इस बिज़नेस को करने का डिसिजन लिया। उसके बाद थैंक्स करती हूँ सुमित जी और तानिया जी का, जिन्होंने स्पॉटिफाइ चैनल में हमें अपना एक्सपिरियंस बोलने का मौका दिया। मेरा जन्म एक सिंपल मिडल क्लास फैमिली में हुआ है। मेरे माता पिता दोनों टीचर थे। मैंने बीएससी, एमए किया है और मेरी सारी 1990 में हुई। 9091 में हम लोग गांव से जबलपुर शिफ्ट हो गए क्योंकि और ये जी के बड़े भाई की दो बेटियां जो की बाहर पढ़ रही थी वो और हाई स्कूल में थी। उनके एजुकेशन के लिए हम लोग जबलपुर में रहने लगे और पलिया जी उस समय डायमण्ड सीमेन्ट में बिज़नेस कर रहे थे। बिज़नेस अच्छा था लेकिन धीरे धीरे बिज़नेस चेंज हो रही थी और बिज़नेस चेंज होने से एक इन्सेक्युरिटी की भावना मेरे अंदर हो रही थी की कोई भी बिज़नेस इस्टैब्लिश नहीं हो पा रहा है और इसी बीच हमारे दोनों बच्चे भी हो गए थे जो छोटे छोटे थे। 2002 में जब ये बिज़नेस हमारे सामने आया तो हमने इसकी कुछ प्रोडक्ट्स यूज़ करके देखिये जिनके वंडरफुल रिज़ल्ट आये और हमने डिसिशन किया कि हमें इस बिज़नेस की अपॉर्चुनिटी को देखेंगे और हमें इसका प्लैन देखा और प्लैन में कुछ टिप बताई गई थी। यूएस ट्रिप मिलती है तो मेरा ड्रीम और मजबूत हो गया क्योंकि मुझे घूमने का बहुत शौक है। हमने डिसिशन लिया है कि हम इस बिज़नेस को जरूर करेंगे। उस समय तक वो भतीजियों की दोनों की शादी हो चुकी थी और दोनों बच्चे छोटे थे। उनके साथ हमने इस बिज़नेस को बिल्ड किया। इस बिज़नेस में जो भी जरूरी था इस बिज़नेस का प्लैन डेमो देखा ना वो सब हमने किया और मैंने हमेशा पलिया जी की इस बिज़नेस में सपोर्ट की। हमेशा मेंटली भी सपोर्ट किया और मीटिंग में जाते थे तो बच्चों को सा का ही साथ में ले जाती थी, कभी छोड़ के जाते थे, अपनी दीदी के यहाँ छोड़ के जाते थे लेकिन बिज़नेस को करने का क्योंकि हमारा स्ट्रॉन्ग डिसिज़न था और हमने बच्चों के लिए ही इस बिज़नेस को बिल्ड किया क्योंकि हम उनके फ्यूचर को सिक्योर करना चाहती थी। इसलिए कभी भी किसी प्रॉब्लम को ना देखते हुए प्राइऑरटी बिज़नेस को दी और 2009 में हम हो गए तो जैसे की हमारी लाइफ ही चेंज हो गयी। हमें कभी रिवॉर्ड मिले। इस बिज़नेस से हमें 300 ग्राम सोना भी मिला और उसी साल से हम लोग तो फॉरेन ट्रिप मिलने लगी और हम काफी एन्जॉय करने लगी और इस बिज़नेस से बच्चों के लिए भी अच्छी वैल्यू मिले। अच्छे असोसिएशन में होने के कारण उनमे अच्छे संस्कार आएं और मेरी बेटी पल्लवी पहली है जिसने पुणे से एमबीए और लॉ का डिप्लोमा कोर्स किया है। बेटा हाउस मैकेनिकल इंजीनियर और एक्टर हैं और दोनों बच्चे बहुत अच्छे हैं क्योंकि उनमें एक पॉज़िटिव एनवायरनमेंट में हमने रखा और इस बिज़नेस को बिल्ड करने में उन्होंने हमारी काफी हेल्प की है। इस बिज़नेस में हमने जो भी हमारी अपना इन सभी का बहुत थैंकफुल है क्योंकि अपना इन्हें हमेशा हमें कदम कदम पर सपोर्ट किया उनमें नीलम श्रीरामकृष्ण, चौबेजी, चन्द्रप्रभा, मनोज कुमार स्थापक जी चर्च ना भावी और डॉ। संजीव शर्मा जी, जिनकी कृपा से सहयोग से हमने इस बिज़नेस को बिल्लियाँ हमेशा उन्हें धन्यवाद देते हैं और बहुत बहुत थैंकफुल है उनकी सुमित जी और तानिया जी की, जिन्होंने विज़न 100 स्पोर्टी फाइव चैनल से हमें बिज़नेस को आगे बढ़ाने में और ग्रो करने में बहुत सारी है क्योंकि इसलिए हम लोगों को दिखाती है और इस बिज़नेस को आगे बढ़ा रहे हैं। थैंक यू बेक टु मी ग्राउंड हस्बैंड दोस्तों बहुत खूब बहुत खूब मेरे नाम है। भूख के रूप लिया। मेरा जन्म ग्राम पलिया पेपर लिया। जिला होशंगाबाद मध्यप्रदेश में परिवार में हुआ है। हम दो भाई बड़े भाई का नाम है ओमप्रकाश पलिया दोस्तों मैंने बचपन से ही नौकर जाकर देखे हैं। लगे जी देखिये कोई बात की कमी नहीं थी पर अचानक कहते हैं कि परमात्मा के आगे किसी की नहीं चलती। अचानक हमारे पर पिताजी देवलोक पधार गए। उसके बाद हमारे ऊपर पूरी परिवार की जवाबदारी आ गई। हमारी पत्नी ने बदला है की हम अपने भाई के बच्चों को लेकर जबलपुर आ गए और हमने अनेकों व्यापार कि ये जीस काम को लगातार हम करते थे। इनकम आती थी। जीस दिन उस काम को हमने करना बंद किया। उस दिन से आमदनी बंद हो जाता दी थी। हमेशा ही से बात का तनाव बना रहता था की कब तक बेल बने रहेंगे को लुका बेल जब तक चलता है तेल की धार निकलती है, जीस दिन चलना बंद कर देता है, तेल की धार बंद हो जाती है। मैंने बिना माँ बाप के परिवार देखा है। मुझे पता था मेरे बच्चे बहुत छोटे छोटे थे। मुझे डर लगता था कि अगर कहीं मुझे कुछ हो गया क्योंकि उसी समय मेरे एक मित्र, मेरे कजिन उनका स्वर्गवास हो गया जब वो हम और वो एक उम्र के थे और मुझे डर लगता था। मेरी शादी लेट हुई। मेरे बच्चे छोटे छोटे थे तो मुझे हमेशा ये लगता था की कोई तो ऐसा काम होगा, जीस काम को परमात्मा मुझे दे दे और एक बार मैं करूँ उससे मेरे घर में पैसे की आमदनी शुरू हो जाए। कहते हैं कि कोई भी चीज़ सिरदर्द से अगर आप मांगते है तो परमात्मा उसे अवश्य देता है। बस मांगेंगे आप पूरे विश्वास से तब और मुझे अचानक एक डिस्क पेन की और बिमारी हो गई जिसका कोई भी विकल्प नहीं था। दोस्तों पेन किलर खाता था और उसके बाद भी कई बार असहनीय तकलीफ होती थी। पर कहते हैं कि परमात्मा को जब कोई चीज़ देना होता है तो किसी नकदी के रूप में देता है। उसी समय मेरी अप लाइन है, मुझे एम्बे के वेलनेस के फोड़ दिए जीसको कहते हैं, न्यू फ्लाइट और उन पुत्रों को मैंने उपयोग किया और वो दिन है की आज का दिन मेरे पास वो समस्या कभी आई नहीं। मैं पूर्ण सवस्थ हो गया तो उसके बाद मैंने एमबीए के पूरे पॉर्ट पर्सनल केयर होम केयर के परचेस किये वो घर में उपयोग करना शुरू कर दिया। उपयोग करने के बाद मैंने देखा कि मेरे चेहरे पर्सन बने, जो कितनी दवाइयों करने के बाद कभी ठीक नहीं हुआ था, वो ठीक हो गया। अब मुझे पूरा विश्वास हो गया कि दुनिया में ये शर्ट चलने से कोई नहीं रोक सकता है क्योंकि अच्छे बरोट की पहचान ये है कि उपयोग करोगे और रीयल्टी निश्चित आएगा। वो जो मैं देख चुका था अब मेरे को कोई नहीं था। अब समस्या ये हो रही थी कि मैंने अपनी जिंदगी में कभी ना नहीं सुनी थी। वो इस व्यापार में मुझे डर इस बात का लगता था अगर मैं किसी से बोलूँगा उसने मना कर दिया तो तो मैं किसी से बोल ही नहीं रहा था पर क्योंकि मेरे बच्चों की सुरक्षा की सवाल थी तो मैंने बिज़नेस प्लैन इसका अपनी अप लाइन से कागज पर लिखवाया और लोगों के सामने न जाकर अपने परिवार को दिलाना जरूर कर दिया है कि परिवार को दिखलाऊँगा तो वो कैसे मना करेंगे? और 1 दिन की बात मैं आपको बताऊँ कि मैं दिखला रहा था। तभी मेरे परिवार के सदस्यों ने मेरे प्लान की तारीफ कर दी। वो जीस दिन उन्होंने तारीफ की उस दिन से मुझे मेरे अंदर कॉन्फिडेन्स आ गया की मेरा प्लैन दुनिया का सबसे बेहतर प्लैन हैं और उस दिन से मैंने लोगों को दिखाना शुरू कर दिया और जब मैं लोगों को दिखला रहा था, करवा रहा था, करवा रहा था तो मैं देखता था कि कुछ लोग वोट ले लेते थे, कुछ लोग मना कर देते थे पर मेरे दिमाग में मेरे परिवार की सुरक्षा थी। मुझे ये पता था की ये मेरे प्लैन को मना नहीं कर रहा है, मेरे पोर्ट को मना नहीं किये हैं क्योंकि इन्हें इनका उपयोग ही नहीं किया है। इन्हें इस व्यापार के बारे में ध्यान से सुना ही नहीं है। वह कहते हैं, बिना ईश्वर की कृपा के कोई नहीं आती। मैंने उन लोगों को माफ़ करना शुरू कर दिया है। कभी उनको मना करने को दिल पे नहीं लिया की ये मना करेंगे तो उससे मुझे क्या फर्क पड़ेगा? अगर ये मना कर रहे हैं तो अपने परिवार की खुशियों के लिए मना कर रहे हैं। वो दोस्तों में दिन रात से ईमानदारी से जो काम कर रहा था उस काम को क्योंकि आमदनी के लिए कोई ना कोई तो चीज़ की जरूरत है और मैं उस काम को कर रहा था पर पार्ट टाइम इस काम को करता रहा। मुझे ये पता था कि पार्ट टाइम में इस काम को करना है। सम्टाइम इस काम को नहीं करना है। इसलिए मैंने कभी इसके पार्ट टाइम को किसी काम में नहीं डाला। मैं 2-3 घंटे इस काम को मैंने फिक्स कर दिया था कि मैं रेग्युलर 2-3 घंटे भले कोई भी 24 घंटे के अंदर टाइम डालूँगा, पर 2-3 घंटे इसमें डालूंगा। मैं डालता रहा, लोगों से बात करता रहा। मुझे आज भी याद नहीं है कि किसने मना किया है, पर मैं आपको बताऊँ दोस्त की मुझे ये पता है की उसमें से तीन लोगों ने चार लोगों ने निर्णय ले लिया है। वो तीन लोग प्लैटिनम बन गए और 115% बन गए और मैं मेरे घर में 2009 में दोस्त छे पहने एक साथ आईं सिल्वर, गोल्ड प्लेटिनम फाउंडर, प्लेटिनम, सफायर और एमरॉल्ड वो मेरे घर में जैसा कि मेरी पत्नी ने बताया कि 300 ग्राम सोना आया और वो दिन है की आज का दिन मुझे याद ही नहीं है कि व्यापार में तो अपडाउन आना एक स्वभाव है। दुनिया में 700 में। कौन होता है? तो व्यापार में क्यों नहीं अप डाउन होगा? पर दोस्त मैंने कभी अपनी इनकम को घटते नहीं देखा है। थैंक गॉड की। मुझे ये एमबीबीएस में आ गया। अगर नहीं आया होता तो मैं आज भी सोच के ढक रह जाता हूँ कि मेरा क्या होगा दोस्तों, इस व्यापार को करने के लिए बस करना क्या है? किसी और को नहीं समझाना है। लोग गलती ये करते हैं समय पर खुद नहीं हो, लोगों को समझाने लगते हैं। मैंने पहले अपना क्रिस्टल के लिए किया था। मैंने अपने आप को समझाया और जीस दिन मेरे डाउट खत्म हो गए थे। उस दिन से मैंने इस काम को कंटिन्यू टीमें करना शुरू कर दिया। दोस्तों और कुछ नहीं मैं आपको बताऊँ, ये तो अवसर है आज परमात्मा करे कि मैं जो बात कर रहा हूँ, अगर बैठे हुए व्यक्तियों को समझ में आ गया है तो मुझे लगेगा कि आज का मेरी इस कथा में मेरी जिंदगी को सार्थक बना दिया है। कहते हैं लोग आज की डेट में हर आदमी इस बात को लेकर तनाव में घूम रहा है। जिसदिन से करो ना आया है। कि करुणा के कार्यकाल को याद करके लोग डर जाते हैं और मैं आपको बताऊँ उसी दिन एम्बेड इंजॉय कर रहा था। दोस्तों, आज मैं एक बड़ा गौरव मेदु मैं जीस व्यक्ति के साथ जुड़ा हूँ जिनके कारण आज ये दुनिया बदलने वाली है। उनका कोई और नाम नहीं है, मैं उनका बहुत आभारी हूँ हमारी कंट्री में जिनका नाम है सुमित तान्या बड़े गर्व से इस नाम को लेता हूँ दो क्योंकि ना की थी कि आने वाले समय में आप याद करना की नाच क्रम की भूमि जुबानी है। हर भविष्यवाणी पूरी हुई है। और उस भविष्यवाणी में लिखा था कि आने वाले समय में एक व्यक्ति होगा जिसकी लंबी नाक हो गई और उसकी पत्नी होगी। उसके कारण हिंदुस्तान सोने की चिड़िया होगा। और दोस्तों मैं आपको बताऊँ कि हमारी एक राजनैतिक पार्टी में एक ऐसा व्यक्तित्व आया था जिसकी वाइफ विदेशी थी और वो सुंदर और उसकी नाक थी। वो पूरी दो दुनिया देख रहा था की ये वही व्यक्ति है पर जब वो संसार में नहीं रहा तो आज भी ये क्वेश्चन मार्क था की अब वो कौन? वो जीस दिन में ये सुमित, तानिया बहादुर जी से मिला और इनकी वो मैंने चेहरा देखा। मुझे विश्वास हो गया की इन्हीं के कारण ये देख सोने की चिड़िया बनेगा और दोस्तों शक जीस दिन मुझे अपने आप पे होता था तो मैं इनसे बात कर लेता था। इनकी फोटो देख लेता था और दोस्तों मुझे ये विश्वास हो गया की इतना पढ़ा लिखा आदमी जो विदेश में था, जिसने आइआइटी दिल्ली से टॉप किया है। अगर वो व्यक्ति इस काम को कर रहा है और उसका उन्हें बेघर मुझे मिला है तो मैं इस काम को पूरी शिद्दत से करूँगा और मेरे पास अगर ज़रा से भी डाउट आएँगे तो डाउट से लड़ जाऊंगा पर काम को नहीं छोडूंगा दूध और ये यकीन मानिए दोस्त में लगा रहा लगा रहा मेले, पासपोर्ट बनवा रखा था दोस्त पर एक भी सीन नहीं लगी थी पर उसके बाद में आपको बात बताऊँ दो। इस व्यापार में मैं क्यारा देशों में घूमा हूँ। 11 कंट्री में कई लोग मिलते हैं। बोलते हैं हम भी विदेश गए थे, कई लोग बदलते हम भी गए थे तो हम उनसे पूछते हैं कि दूध कहाँ गए थे? तो कोई बोलते हैं। हम अपनी बेटी के पास गए थे। अरे दोस्त ईमानदारी से जब आप उस पर उनके यहाँ रह रहे थे तो आनंद कितना आ रहा था? कई लोग पैकेज पे जाते हैं, उनसे पूछो आनंद कितना आ रहा था? मैं आपको बताऊँ दोस्त एक बार अगर वाकई जिंदगी में आनंद लूटना है तो एम्बे की ये लेस जरूर अटेंड करके देख लेना। वहा पर आप याद करो वो दिन जब आप दूल्हा दुल्हन बने थे, वैसा आपका जीवन हो जाता है। एम बि क्या रिकॉग्नाइज करता है? दोस्तों। बस करना क्या है? अपने आपके ऊपर विश्वास करना है क्योंकि लोग दूर से के ऊपर विश्वास करते हैं की ये करेगा तो हम करेंगे और हमारा कहना हम करेगा तो दुनिया करेगा। करना क्या है और कुछ नहीं। इन प्रवक्ताओं को 100% प्रॉडक्ट यूज़ करना है क्योंकि इम्प्रूवट ओके अंदर ही बात है। जो आदमी इन प्लॉटों को 100% वोट यूज़ करता है और इन प्रोटोकोल लोगों को यूज़ करवाता है, सफलता उनके कदम चूमती है। दो। यह व्यापार नहीं है। भगवान का भेजा हुआ सब से अच्छा कोई उद्यम है पर परमात्मा से परेकर ये दोस्त यह व्यापार आपको स्वयं या जाए। कहावत है कि कई लोग बोलते है की अगर हमें बचपना लौटा, ये हमारी जिंदगी में हर आदमी जो उसको सिर्फ अपना बचपना याद है, मैं बोलता हूँ दोस्त मैं भी सोचा करता था की मेरा बचपना लौट आए पर जीस दिन मैं एमरॉल्ड बना तो मुझे लगा की मेरा बचपना लौटाया। दोस्त और मैं वादा करता हूँ कि एक बार यहाँ पे मैं कम से कम एमरॉल्ड बन के देख लो, आपको उस की याद नहीं करना पड़ेगी। उस बचपन में आप जियेंगे दोस्तों में से जी है जब 13 ये जमाने को जगाते रहिए और मेरी आवाज़ में आवाज़ मिलाते रहिए और नींद आती है तो तकदीर भी सो जाती है अब कोई सो ऑनर्स के गीत गाते रहिये वक्त के हाथों में पत्थर भी है, फूल भी है चाहत फूलों की रखते हैं। तो मुस्कुराते रहिये, एमबीए के पूर्व का उपयोग कर वाते रहिए और प्लैन दिखाते रहिए, दिखाते रहे ये दिखाते रहिये दोस्तों यहाँ मैं बस परमात्मा से प्रे करूँगा की मेरी बात आप सब लोगों को समय में आजाये आइ

Podcast Summary

Key Points:

  1. वक्ताओं ने ईश्वर, परिवार और स्पॉन्सरों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें इस व्यवसाय के अवसर को समझने में मदद की।
  2. व्यवसाय की शुरुआत पारिवारिक जिम्मेदारियों और आर्थिक असुरक्षा के बीच हुई, जिसमें पत्नी और बच्चों का सहयोग महत्वपूर्ण था।
  3. उत्पादों के उपयोग से स्वास्थ्य समस्याओं (जैसे डिस्क पेन) का समाधान हुआ और आत्मविश्वास बढ़ा।
  4. व्यवसाय में नियमित समय देने और आत्म-विश्वास पर ध्यान केंद्रित करने से सफलता मिली, जिसमें 300 ग्राम सोना और विदेश यात्राएं शामिल थीं।
  5. सुमित और तानिया जी के नेतृत्व में इस व्यवसाय को भारत के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा गया।

Summary:

इस प्रतिलेख में वक्ताओं ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने ईश्वर, परिवार और स्पॉन्सरों का धन्यवाद किया। एक वक्ता ने बताया कि कैसे उन्होंने मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से आकर व्यवसाय शुरू किया, जहां उनके पिता व्यवसाय में थे, लेकिन बदलाव के कारण असुरक्षा थी। 2002 में इस व्यवसाय के उत्पादों का उपयोग करने के बाद अच्छे परिणाम मिले और उन्होंने इसे अपनाने का फैसला किया। पत्नी और बच्चों के सहयोग से उन्होंने व्यवसाय को बढ़ाया, जिससे 2009 में जीवन बदल गया और उन्हें 300 ग्राम सोना और विदेश यात्राएं मिलीं। दूसरे वक्ता ने बताया कि कैसे उन्होंने पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाली और डिस्क पेन जैसी स्वास्थ्य समस्या का समाधान व्यवसाय के उत्पादों से पाया। उन्होंने आत्म-विश्वास और नियमित प्रयास पर जोर दिया, जिससे वे सफल हुए। सुमित और तानिया जी के नेतृत्व को भारत के भविष्य के लिए प्रेरणादायक बताया गया। अंत में, उन्होंने उत्पादों का पूर्ण उपयोग और योजना को निरंतर साझा करने पर जोर दिया, जिससे सफलता मिलती है।

FAQs

सबसे पहले खुद एम्बे के उत्पादों का 100% उपयोग करें और उनके परिणामों को अनुभव करें। फिर व्यवसाय की योजना को समझें और उसे अपने परिवार के सामने प्रस्तुत करें ताकि आत्मविश्वास बढ़े।

डर को दूर करने के लिए पहले अपने परिवार को व्यवसाय की योजना दिखाएं। जब परिवार से प्रशंसा मिलेगी, तो आत्मविश्वास बढ़ेगा और दूसरों से बात करने का साहस आएगा।

हां, इसे पार्ट-टाइम किया जा सकता है। वक्ता ने नियमित रूप से 2-3 घंटे इस काम को दिए और इसे कभी अपने मुख्य काम से नहीं जोड़ा।

लोग अक्सर खुद को समझाए बिना दूसरों को समझाने लगते हैं। पहले खुद के सारे संदेह दूर करें और उत्पादों का पूरा उपयोग करें, फिर ही दूसरों को प्रस्तुत करें।

वक्ता ने सुमित और तानिया जी को अपने प्रेरणास्रोत बताया। उनके मार्गदर्शन और विजन ने वक्ता को व्यवसाय में आगे बढ़ने और अपने संदेहों को दूर करने में मदद की।

हां, वक्ता की बेटी ने पुणे से एमबीए और लॉ का डिप्लोमा किया, जबकि बेटा मैकेनिकल इंजीनियर और एक्टर बना। व्यवसाय से मिली आय और सकारात्मक वातावरण ने बच्चों के संस्कारों को बेहतर बनाया।

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