अपने मन को कैसे नियंत्रित करे ? | Best Krishna Motivational Speech | Motivational Speech by Krishna - सनातन - Eternal Way of Life
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यह पाठ श्रीमद्भागवत गीता को एक व्यापक जीवन दर्शन के रूप में प्रस्तुत करता है, जो केवल धार्मिक उपदेश तक सीमित नहीं है। इसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे सफलता प्राप्ति, व्यक्तित्व निर्माण, समस्या-समाधान और भावनात्मक संतुलन के लिए मार्गदर्शन दिया गया है। मुख्य संदेश यह है कि आनंद, क्रोध या दुःख की अवस्था में बड़े निर्णय नहीं लेने चाहिए। उत्साह और स्वयं पर विश्वास सफलता की कुंजी हैं। रिश्तों को इज्जत और समय देकर ही मजबूत बनाया जा सकता है, जबकि मतलबी रिश्ते निरर्थक हैं। जीवन की चुनौतियों का सामना साहस से करना, लगातार प्रयास करना और अच्छे कर्मों पर ध्यान केंद्रित करना ही वास्तविक सुख और शांति का मार्ग है। अंततः, व्यक्ति को स्वयं को बेहतर बनाने, विनम्र रहने और समय के मूल्य को समझने पर जोर दिया गया है।
दोस्तों अगर आप सोचते हैं कि श्रीमद्भागवत गीता में सिर्फ ये लिखा है कि भगवान की पूजा कैसे करते हैं तो आप गलत है क्योंकि भगवद गीता सिर्फ एक किताब या धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि इसमें वो ज्ञान है।
जो इस पृथ्वी पर जीवन जीने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए उपयोगी है।
यह गीता हमें सिखाती है कि इस दुनिया में सपने कैसे पूरे किए जा सकते हैं।
हमारी पर्सनालिटी कैसे बनती है, कैसे पॉज़िटिव एनर्जी बनाई जा सकती है।
खुशी क्या होती है क्नॉइस।
बड़ी बड़ी प्रॉब्लम का सलूशन कैसे ढूंढा जा सकता है?
डिसीजन कैसे लिए जा सकते हैं, ब्रेकअप के सदमे से कैसे निकला जा सकता है?
इमोशनली स्टेबल कैसे बना जा सकता है और भी न जाने बहुत कुछ।
जीवन में हम सभी अपने सपनों को पूरा करने की इच्छा रखते हैं और यह सच है कि हम सब कुछ अच्छी तरह से पाना चाहते हैं।
हर कोई अपने करियर में तेजी से आगे बढ़ना चाहता है और करोड़पति बनने का सपना देखता है।
क्नॉइस।
हमने कई बार देखा है कि हम जब कभी किसी मोटिवेशनल वीडियो को देखते हैं, तो हमारा जोश तो बढ़ जाता है, लेकिन जैसे जैसे हम अपने कर्मों में लग जाते हैं तो वही हमारा उत्साह ही कहीं गायब हो जाता है।
हमें अकेले काम करते समय मोटिवेशन की कमी महसूस होती है तो इसलिए ये वीडियो लंबा हो सकता है लेकिन यदि हम इसमें दिए गए रहस्य को समझ ले तो हमें किसी और मोटिवेशनल वीडियो की तलाश करने की आवश्यकता नहीं होगी।
क्नॉइस?
और हमें अपने उस लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद मिलेंगे जिससे हमें अपने जीवन में प्राप्त करना है, लेकिन यह समझने के लिए हमें ध्यानपूर्वक बैठकर इस वीडियो की बातों को सुनने और समझने का समय देना होगा।
और अगर आप इस वीडियो को।
बीच में छोड़कर जाना चाहते हैं तो कृपया कर आप इसे स्किप कर दें क्योंकि अधूरा ज्ञान ज्ञान नहीं होने से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
और भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि हमें किसी को जबरदस्ती गुप्त ज्ञान नहीं देना चाहिए तो दोस्तों क्नॉइस।
चलिए वीडियो को शुरू करते हैं, जैसे उबलते पानी में कभी परछाई नहीं दिखती, ठीक उसी प्रकार परेशान मन में भी समाधान नहीं दिखती।
शांत होकर देखिए, सभी समस्याओं का हल मिल जाएगा।
हमारा सलाहकार कौन है?
यह बहुत महत्वपूर्ण है।
क्योंकि दुर्योधन शकुनी से सलाह लेता था और अर्जुन श्री कृष्ण से एक बेहतरीन जिंदगी जीने के लिए यह स्वीकार करना बहुत जरूरी होता है कि सब कुछ सबको नहीं मिल सकता।
आप अपने जीवन में सुखी और सफल होना चाहते हैं।
तो ये तीन बातों को ध्यान रखें पहला आनंद में कभी वचन मत दो मतलब जब हम ज्यादा खुश होते हैं तो उस समय हमें किसी काम को करने के लिए कसम दे देते हैं।
हमें कसम नहीं खाना चाहिए क्योंकि आनंद हमारे सोचने की शक्ति को भ्रष्ट कर देता है।
क्नॉइस और यही कसम बार बार हमारे गले का फांस बन जाता है और हम अपने ही कसम में फंस जाते हैं।
दूसरा जब भी हमें गुस्सा आए तब हमारे लिए यही अच्छा रहता है कि हम अपने गुस्से को त्याग कर दें।
अगर गुस्से को हम त्याग नहीं कर सकते क्नॉइस तो हमारे लिए मौन रहना ही उचित है, क्योंकि क्रोध के समय में बोला गया वाक्य हमारे ही भविष्य का कांटा बन जाता है क्योंकि हम गुस्से में कुछ भी अनाब क्षणब बोल जाते हैं और हमें पता ही नहीं चलता है।
तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण बात दुख में।
कभी भी हमें फैसला या निर्णय लेना नहीं चाहिए क्योंकि दुख हमारी सोचने और समझने की शक्ति को भर लेता है।
दुख हमारे सोचने और समझने की क्षमता को बाधित कर देता है और जब हम अच्छे से सोच नहीं सकते तो निर्णय लेना मूर्खता के अलावा कुछ नहीं हो सकता क्नॉइस इसलिए दुखी मन से लिए गए निर्णय सादा हमें दुखी देते हैं।
श्री कृष्ण कहते हैं, समय के साथ साथ हालत भी बदल जाते हैं।
इसलिए बदलाव में हमें स्वयं को बदल लेना ही बुद्धिमानी है।
एक ज्ञानवान व्यक्ति कभी भी कामुख सुख में आनंद नहीं लेता।
सभी कर्तव्य को पूरा करके मेरी शरण में आ जाओ।
जो वास्तविक नहीं है उससे कभी मत डरो।
जो व्यक्ति संदेह करता है उसे कहीं भी खुशी नहीं मिलती हताश ना होना सफलता का मूल है और यही परम सुख है।
उत्साह मनुष्य को कर्मों में प्रेरित करता है और उत्साह ही कर्म को सफल बनाता है।
जीवन जीने के लिए मौन आवश्यक है, परंतु जब बात मर्यादा की हो तो शस्त्र उठाना अनिवार्य हो जाता है।
कलयुग में वेदों को जानने वाले व्यक्ति नहीं रहेंगे।
इसलिए चारों वेदों का संक्षिप्त वर्णन गीता ज्ञान रूप में 18 अध्याय के 700 स्वलोकों में श्री कृष्ण ने दिया है।
प्रार्थना से परिस्थिति बदले या ना बदले पर मिट्टी का चरित्र अवश्य बदल जाता है।
क्नॉइस?
बुराइ बड़ी हो या छोटी, हमेशा विनाश का कारण बनती है क्योंकि नाव में छेद छोटा हो या बड़ा नाव को डूबा ही देता है।
श्री कृष्ण जी कहते हैं, हमें कभी उस व्यक्ति पर भरोसा नहीं करनी चाहिए जो वक्त के साथ स्वभाव बदल लेता है।
क्नॉइस सोच और नीयत अच्छी रखिए, फिर आपके कष्ट प्रभु स्वयं दूर कर देंगे।
जब समय पलटता है तो सब कुछ बदल देता है।
इसीलिए अच्छे समय में घमंड न रखें और बुरे वक्त में सब्र रखना ना छोड़ें।
जितना इंतजार भगवान आपको करवा रहा है ना समय आने पर वो इतना देगा कि आप संभाल भी नहीं पाओगे।
आप वापस नहीं जा सकते हैं और शुरुआत को नहीं बदल सकते हैं।
लेकिन आप जहाँ है वहीं से शुरुआत कर सकते हैं और अंत को बदल सकते हैं।
अपना मन अच्छे कार्यों को करने में लगाएं।
क्नॉइस और उसे बार बार करें और आप देखेंगे कि आप खुशी से भर गए हैं।
अगर आपका खुद पर पूरा नियंत्रण है तो आपको वो क्षमता हासिल होगी जिसे बहुत ही कम लोग हासिल कर पाते हैं।
कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं जीता, वही है जो डरा नहीं क्नॉइस एक सवाल जो मैं लगभग हर रोज़ अपने आप से पूछता हूँ कि क्या मैं वो महत्वपूर्ण काम कर रहा हूँ जो मुझे करना चाहिए और जब तक मुझे यकीन नहीं हो जाता कि मैं सबसे महत्वपूर्ण समस्या पर समय बिता रहा हूँ मुझे अपने बिताए समय के बारे में अच्छा महसूस नहीं होता क्नॉइस।
शूत्र एक कभी भी पैसे न गंवाएं सूत्र दो सूत्र एक को कभी न भूले जब तक कि कोई भी मनुष्य अपने काम से प्रेम नहीं करता, वह सफल नहीं हो सकता अत्यधिक अपेक्षा और उम्मीद ही लगभग हर चीज़ की कुंजी है।
मैंने हमेशा उस काम को किया जिसके लिए मैं बिल्कुल भी तैयार नहीं था और मेरा मानना है कि ऐसे ही आप आगे बढ़ते हैं।
जब भी जीवन में कुछ बेहतरीन मौके आते हैं तो मुझे पूरा विश्वास नहीं होता कि मैं यह कर पाऊंगा।
ऐसे ही वक्त पर हम अपने आप को विश्वास दिलाते हैं।
और मजबूत होते हैं और इस तरह हमें नई राह दिखती है और कभी कभी ये प्रतीत होता है कि कुछ महान घटित होने वाला है और आप अपने बारे में बहुत कुछ जानने लगते हैं।
सफल होने के लिए आपको बेहद गुणवान, दिव्य या बहुत पढ़ा लिखा होने की जरूरत नहीं है।
क्नॉइस आपको सिर्फ एक संरचना और सपने की जरूरत है।
हम लोग वास्तव में अपने आप से ही प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, क्योंकि अन्य लोग किस तरह काम कर रहे हैं, उस पर हमारा कोई आधिपत्य नहीं है।
मैं शुरू से ही बड़ा किस्मत वाला रहा क्नॉइस मैंने पाया कि जब तक आप बुनियादी रूप से अच्छे हैं और जब तक आप किसी के साथ बुरे नहीं हैं, तब तक लोग आपको तवज्जो जरूर देंगे, क्योंकि स्वयं बने रहना ही ईमानदार बने रहना है और लोग वहीं देखना पसंद करते हैं।
जीवन क्षण भंगुर है।
हमारे कल का कोई भरोसा नहीं है, इसलिए हमारे पास जो भी है वह आज ही इस्तेमाल कर लेनी चाहिए।
अगर आप दुनिया को बदल रहे हैं तो आप महत्वपूर्ण चीजों पर काम कर रहे हैं और आप सुबह उठते ही उत्तेजना का अनुभव करते हैं।
जब भी आप कुछ नया करते हैं तो आलोचनाओं को सुनने के लिए अपने आप को तैयार कर लें।
किसी भी काम को करने के लिए अपना जुनून खोजे और फिर वह काम आपको काम जैसा कभी नहीं लगेगा।
सवाल यह नहीं है कि शुरुआत कैसे की जाए?
सवाल यह है क्नॉइस कि लोगों की नजर में कैसे आया जाए?
बिना जुनून के ऊर्जा पास नहीं रहेंगी और बिना ऊर्जा के आपके पास कुछ भी नहीं है।
रचनात्मक और नवीनता किसी भी कंपनी का जान और प्राण होती है।
आपको बेहद सक्रिय और खुले विचार वाला बनना होगा।
क्नॉइस आपकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप स्वयं को कैसे डालते हैं।
असफलता आपको ज्यादा आत्मविश्वास देगी।
लीडर्स लोगों के सामने आते हैं और पैमानों को ऊंचा उठाकर रुके रहते हैं और इन्हीं पैमानों से खुद को भी परखा जाना पसंद करते हैं।
महान कंपनियों का काम करने का तरीका सबसे पहले उनके महान लीडर से ही शुरू होता है।
निराशावादी अंत में सही हो सकते हैं, लेकिन एक आशावादी के पास वहाँ पहुंचने का बेहतर समय होता है जो रिश्ता आपसे आपका स्वाभिमान छीन ले।
वो रिश्ता रिश्ता नहीं, घुटन है।
जीस प्यार में सम्मान ना हो वो प्यार प्यार नहीं, चुभन है।
कोई भी काम करने से पहले ही मुश्किल लगता है पर एक बार कर लो तो फिर मुश्किल कुछ भी नहीं।
लोग आपके साथ तब तक रहेंगे जब तक उनका मतलब पूरा नहीं होता।
क्नॉइस तलवारों की जख्म तो फिर भी मीट जाते हैं लेकिन बातों के जख्म हमेशा याद रहते हैं।
अच्छी लगने लगी है ये खामोशियाँ अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ही खत्म हो गया है।
टूटता है तो चुभता बहुत है।
चाहे कांच हो, सपना हो, रिश्ते हो क्नॉइस या फिर दिल हो जिंदगी में अगर खुश रहना है तो अपना दर्द छुपाना सीख लो दिल की बातें हर किसी को बताना छोड़ दो पैसा एक ही भाषा बोलता है, अगर तुमने आज मुझे बचा लिया तो मैं कल तुम्हें बचा लूँगा।
जीवन का सबसे बड़ा गुरु वक्त है क्नॉइस।
क्योंकि जो वक्त सीखाता है वह कोई और नहीं सीखा सकता।
फिर से प्रयास करने से मत घबराना क्योंकि इस बार शुरुआत शून्य से नहीं अनुभव से होगी।
संसार में मनुष्य ही एकमात्र प्राणी है, जिसका जहर उसके शब्दों में होता है।
कभी कभी हम गलत नहीं होते क्नॉइस लेकिन हमारे पास वह शब्द नहीं होते जो हमें सही साबित कर सके।
लोगों को वक्त देना हो, रिश्ता खुद ब खुद मजबूत हो जाएगा।
छोटी छोटी बातें दिल में रखने से बड़े बड़े रिश्ते भी कमजोर हो पड़ जाते हैं।
जब तक तुम्हारे पास पैसा है दुनिया पूछेगी भाई तू कैसा है?
जो लोग दर्द समझते हैं वो लोग कभी दर्द की वजह नहीं बनते।
किसी जमाने में दूसरे के पैर से कांटा निकालते थे मगर अब एक दूसरे की राहों में कांटे बिछाने लगे हैं।
जिंदगी में खुश रहना है तो चुप रहना सीखो क्योंकि खुशियां को शोर पसंद नहीं है।
इस दुनिया का कोई रंग नहीं, कोई ढंग नहीं।
पैसा पास है तो सब कुछ है वरना कोई शर्म नहीं हिसाब रखा करो।
आजकल लोग बड़ी जल्दी ही पूछ लेते हैं तुमने मेरे लिए किया ही क्या है?
आदमी अच्छा था।
ये सुनने के लिए आपको मरना पड़ता है।
यही जीवन की कड़वी सच्चाई है।
क्नॉइस अपनी कीमती समय हमेशा अपने साथ बिताओ अगर आपको कुछ बड़ा करना है तो बड़े लोग की तरह सोचो किसी को माफ़ करना और किसी से माफी मांग लेना एक ताकत है, कमजोरी नहीं।
गिरगिट खतरा देखकर रंग बदलता है और इंसान मौका देखकर।
जब कोई नया मिल जाता है तो पुराने रिश्ते ऐसे खत्म हो जाता है जैसे कभी था ही नहीं।
झुकने से यदि रिश्ता गहरा हो तो झुक जाओ, लेकिन अगर हर बार आपको ही झुकना पड़े तो फिर रुक जाओ।
बुरे वक्त का बस एक ही फायदा होता है।
कि वह लोग आपकी जिंदगी से अपने आप निकल जाते हैं, जो आपको पसंद नहीं करते।
वक्त अच्छा हो तो आपकी गलती भी मजाक लगती है और वक्त खराब हो तो मजाक भी गलती बन जाता है।
मुश्किल में साथ छोड़ देने वाला कितना भी अपना क्यों ना हो दिल से उतर ही जाता है।
बड़ा आदमी बनना अच्छी बात है, लेकिन अच्छा आदमी बनना उससे भी बड़ी बात है।
पैर की मोच और छोटी सोच इंसान को कभी आगे बढ़ने नहीं देती।
गिरना इसलिए भी जरूरी है कि इससे पता चल जाता है कि हाथ थामने वाले कितने हैं।
और साथ छोड़ने वाले कितने हैं?
अगर आपकी नीयत अच्छी है तो नसीब कभी बुरा नहीं हो सकता।
लालच और झूठ हर किसी को गद्दार बना देता है।
लोग कहते हैं कि पैसे से सब कुछ खरीदा जा सकता है।
लेकिन मैं कहता हूँ कि कोई पैसे से टूटे हुए विश्वास को खरीद कर दिखाएं।
नींद भी क्या गजब की चीज़ है।
अगर आज आए तो सब कुछ भुला देती है और ना आए तो सब कुछ याद दिला देती है।
दुनिया का सबसे आसान काम है विश्वास खोना।
कठिन काम है विश्वास पाना और उससे भी कठिन काम है विश्वास को बनाए रखना।
किसी का बुरा मत सोचो, तुम्हारा अच्छा खुद ही हो जाएगा।
आप तब तक अच्छे इंसान हैं जब तक लोगों को आपसे फायदा हो रहा है।
अपनी गलती माने बिना आप कभी भी।
बेहतर नहीं बन सकते।
संभालकर रखी हुई चीज़ और ध्यान से सुनी हुई बातें कभी ना कभी काम आ ही जाती है।
हर चीज़ उठाई जा सकती है शिवाय गिरी हुई सोच के जहाँ नाराजगी की कदर ना हो वहाँ नाराज होना छोड़ देना चाहिए।
क्नॉइस कुछ लोग अपनी अकड़ की वजह से कीमती रिश्ते खो देते हैं और कुछ लोग रिश्ते बचाते बचाते अपनी कदर खो देते हैं।
अगर कोई आपके साथ नहीं रहना चाहता है तो उसे आजाद कर देना चाहिए क्योंकि रखे गए रिश्ते से कभी सुकून नहीं मिलता।
मत छोड़ उसको उसके हाल पर क्नॉइस।
क्या पता उसके पास तेरे सिवा कोई ना हो करीब उसके रहो जो तुमसे दूर ना रह सके जो हमारे जज्बातों की कदर ना कर सके।
उनके पीछे पागल होना प्रेम नहीं बेवकूफी है।
जूते और रिश्तेदार बार बार अगर दुखी करे।
तो समझ लेना कि अब वो आपके किसी काम के नहीं रहे।
जहाँ से अहंकार नहीं जाता वहाँ से रिश्ते चले जाते हैं।
सच में साथ निभाने वाले कभी कोई बहाने की तलाश नहीं करते।
औलाद साथ छोड़ देती है क्नॉइस।
लेकिन हमसफर जिंदगी के अंतिम पड़ाव तक साथ निभाता है।
रिश्ते सिर्फ मन से होनी चाहिए, मतलब से नहीं।
पतझड़ में ही रिश्तों की परख होती है।
बारिश में तो हर पत्ता हरा ही दिखता है।
दिलों में वही बसते हैं जो दिल के साथ हो।
क्योंकि सुई में वही धागा जा सकता है।
जीस धागे में कोई गांठ कठ न हो बिना मतलब का रिश्ता निभाना हर किसी के वश की बात नहीं।
मतलबी लोगों से रिश्ते जीतने जल्दी बनते हैं, उतनी ही जल्दी टूट भी जाते हैं।
रिश्ते हमेशा इस कदर मजबूत करें।
कि भले ही जड़े कट जाए लेकिन रिश्ता आपको गिरने न दे।
रिश्ता कोई भी हो उसमें एक दूसरे का सम्मान बेहद जरूरी है।
जब किसी रिश्ते में जीत और अकड़ा जाती है तो ये दोनों जीत जाते हैं और रिश्ता हार जाता है।
कोई आपसे नाराज है।
और उसे यह घुरूर है कि आप उसे मना लोगे तो उसका यह घुरूर कभी टूटने मत देना।
4 दिन भी नहीं निभा सकते हो किरदार जो पिता जिंदगी भर निभाता है, औलाद के लिए बाप वहाँ भी हाथ फैला देता है।
जहाँ वो पांव भी रखना पसंद नहीं करता।
जीस रिश्ते में पल पल की घुटन हो, उस रिश्ते से पीछे हट जाना ही बेहतर है।
कभी अगर पैसे और रिश्ते में से किसी एक को चुनना पड़े तो हमेशा रिश्ते को चुनना क्योंकि पैसा तो आते जाते रहेंगे क्नॉइस लेकिन रिश्ता कभी लौट कर वापस नहीं आता।
आपकी कदर वो करता है जो आपसे मोहब्बत करता है वो नहीं जिसे आप मोहब्बत करते हो।
इंसान तब तक सहन करता है जब तक सहन करने की क्षमता होती है।
उसके बाद वो ना तो रिश्तों की जरूरी समझता है।
किसी को कितना भी अपना क्यों ना मान लो वो आपको 1 दिन अजनबी होने का एहसास दिला ही देगा।
जब किसी को आपके रोने से फर्क ना पड़े तो समझ लेना वो मजबूरी में रिश्ता निभा रहा है।
रिश्ते वक्त मांगते हैं और लोगों के पास वक्त की बहुत कमी है आजकल।
कमाना तो पड़ेगा ही।
मेरे दोस्त महंगाई का ज़माना है और रिश्ता सिर्फ मुनाफा देखते हैं।
उन रिश्तों का टूट जाना ही बेहतर है जिन रिश्तों में आप खुद टूटे रहते हैं, कोई रिश्ता अगर आंसू साफ करने के बजाय आंसू देने लग जाए तो समझ जाओ।
उस रिश्ते ने अपनी उम्र पूरी कर ली।
इंसान वक्त उसी को देता है जिसे वह देना चाहता है।
बाकी सब बहाने हैं कि वक्त नहीं मिलता।
रिश्ता कोई भी हो बेकार है।
जब तक उसमें इज्जत और यकीन ना हो, रिश्ते अगर दिल में हो।
तो तोड़ने से भी नहीं टूटते और दिमाग में हो तो जोड़ने से भी नहीं जुड़ते।
दिमाग से बनाए हुए रिश्ते बाजार तक चलते हैं और दिल से बनाए हुए रिश्ते शमशान तक चलते हैं।
बदली हुई चीजें भले ही अच्छी लगती है क्नॉइस लेकिन बदलते हुए आपने कभी अच्छे नहीं लगते।
जहाँ रिश्ते हवाओं से बनाने की आदी हो वहाँ अपने तो होते हैं पर अपनापन नहीं होता।
रिश्ते निभाना तो कोई उस बूढ़े घर से सीखे जो खंडार बन के बाद भी जमीन का साथ नहीं छोड़ता क्नॉइस किसी को छोड़ना तो आसान होता है लेकिन भूलना बहुत मुश्किल होता है।
एक बात हमेशा याद रखना बातों से ज्यादा आपका काम बोलता है।
प्यार तो दिल से किया जाता है।
जिस्म से तो बस मतलब पूरे किए जाते हैं।
जिंदगी में अहमियत सिर्फ उसी को देना।
जिससे तुम्हारी असली कीमत पता होती है, क्योंकि जिंदगी में कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनकी कमी कोई पूरा नहीं कर सकता।
जो इंसान हमेशा दूसरों का साथ देता है, अक्सर अपने बुरे वक्त में वो अकेला रह जाता है।
क्नॉइस दुनिया में सबसे ज्यादा खुश सिर्फ वही लोग हैं जो ये जान चूके हैं कि दूसरों से किसी भी तरह का उम्मीद करना बेकार है।
दिल के सच्चे लोग भले ही अकेले रह जाएं, लेकिन उनका साथ हमेशा भगवान देते हैं।
मृत्यु का घाव उतना बड़ा नहीं होता जितना अपमान का होता है।
जब आपका वक्त बुरा चल रहा होता है तभी असल में पता चलता है कि कौन अपना है और कौन पराया है।
यह मतलब की दुनिया है साहब यहाँ कोई किसी का नहीं होता पराए लोगों की तो बात छोड़ो, यहाँ तो अपना भी अपना नहीं होता क्नॉइस।
जब जब हम चुप रहकर सब बर्दाश्त कर लेते हैं तब तो दुनिया को अच्छे लगते हैं पर एक आध बार भी सच्ची हकीकत बयान कर दे तो सबसे बुरे लगने लगते हैं।
ना साथ है किसी का ना साथ है कोई ना हम है किसी के ना हमारा है कोई क्नॉइस।
मतलब इस जमाने में कोई किसी का नहीं होता तभी तो यह दुनिया दिखाती शहद है लेकिन पिलाती जहर है।
लोगों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप खुश हो या नहीं हो, उन्हें तो फर्क बस इस बात से पड़ता है कि आप उन्हें खुश रखते हो या नहीं।
कोई किसी का नहीं होता, गांठ बांध लो इस बात को जब पैसों से जेब भरी होगी, तेरी लोग तभी हाथ थामेंगे।
तेरे उन पर ध्यान मत दीजिए जो आपकी पीठ पीछे बात करते हैं।
क्नॉइस।
इसका सीधा सा अर्थ है कि आप उनसे दो कदम आगे हैं।
बुरे वक्त में कंधे पर रखा गया हाथ कामयाबी के तालियों से ज्यादा मूल्यवान होता है।
सबसे मुश्किल रास्ता वो होता है जब आपको अकेले चलना पड़ता है लेकिन वही रास्ता आपको बहुत मजबूत बनाता है।
किसी भी चीज़ की सुंदरता और शुद्धता देखने वाले की आंख पर निर्भर करती है।
व्यवहार घर का शुभ कलश है और इंसानियत घर की तिजोरी।
अगर किसी बच्चे को उपहार न दिया जाए तो वो कुछ देर रोयेगा।
मगर संस्कार ना दिया जाए तो जीवन भर रोयेगा मनुष्य को हमेशा मौका ही नहीं ढूंढ़ना चाहिए क्योंकि जो आज है वही सबसे अच्छा मौका है।
जिंदगी खुद को ढूंढने में नहीं बल्कि जिंदगी तो खुद को बनाने में है।
अगर कोशिश करने पर भी सफलता नहीं मिलती तो अपने तरीके बदलो इरादे नहीं मुसीबतों से भागना नई मुसीबतों को निमंत्रण देने के समान है।
जीवन में समय समय पर चुनौती और मुसीबतों का सामना करना पड़ता है एवं यही जीवन का।
भी है।
एक शांत समुद्र में नाव कभी भी कुशल नहीं बन पाता।
अक्सर अच्छे अच्छे रिश्ते टूट जाते हैं क्योंकि हम रोज़ कुछ बुरा याद करते हैं और कुछ अच्छा भूल जाते हैं।
किसी ने क्या खूब ही कहा है।
मुसीबत आए तो यह मत सोचना कि अब कौन काम आएगा?
बस यह देखना कि अब कौन साथ छोड़कर जाएगा।
दुआएं कभी भी रद्द नहीं होती जनाब बस बेहतरीन वक्त पे कबूल होती है आगे बढ़ने वाले कभी किसी को नीचा नहीं गिराते क्नॉइस और दूसरों को नीचा गिराने वाले कभी आगे नहीं बढ़ते।
अगर आप अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहते हैं तो लोगों के मन की नहीं, अपने मन की सुनो, दुनिया को छोड़ो सबसे पहले उसे खुश रखो जिसे तुम रोज़ आईना में दिखते हो।
कमजोर कोई नहीं होता।
सब वक्त का खेल है साहब नसीब वो देगा जो आपके नसीब में होगा लेकिन मेहनत वो देगी जो आपको चाहिए होगा।
धन से हम जीवन की सारी सुख सुविधा तो हासिल कर सकते हैं, पर जीवन में सुकून केवल अच्छे कर्मों से ही होता है।
घमंड शराब की तरह है।
आपके अलावा सबको पता है कि आपको चढ़ गई है रोना उसी के सामने जो आंसू गिरने का दर्द समझ सके दुआएं लेना उसी से जो दुआएं दिल से दे सके जो रिश्तों का मोल समझ सके आपके साथ कितना भी छल क्यों ना हुआ हो क्नॉइस।
परंतु परमात्मा का आशीर्वाद आपसे कोई नहीं छीन सकता।
खुश रहा करो यार आदि बिमारी तो खुश रहने से ही ठीक हो जाती है।
इंसान दूसरों से मिली इज्जत और अपनों से मिली बेइज्जती कभी नहीं भूलता इज्जत और लठ दोनों तैयार रखो क्नॉइस।
जो जिसके लायक हो उसे दे दिया करो।
जिंदगी में जो लोग आपको दौड़कर नहीं हरा पाते, वह आप को तोड़कर हराने की कोशिश करते हैं।
हमेशा याद रहे कि ईश्वर के सिवा आपके आंसू दर्द और दुख को कोई नहीं समझ सकता।
मकड़ी भी उतना नहीं उलझती आपने बनाए हुए जाल में जितना इंसान उलझता है, आपने बुने हुए ख्यालों में दुआओं का कोई रंग नहीं होता, लेकिन जब यह रंग लाती है तो जिंदगी रंगों से भर जाती है।
कौन कहता है कि नेचर और सिग्नेचर कभी बदलता नहीं?
बस एक चोट की जरूरत है।
अगर ऊँगली पर लगे तो सिग्नेचर बदल जाता है और दिल पर लगे तो नेचर बदल जाता है।
जहाँ आदर नहीं वहाँ जाना मत जो सुनता नहीं उसे समझाना मत जो पचता नहीं उसे खाना मत और जो सत्य पर भी रूठ जाए उसे कभी मनाना मत।
समझे बिना किसी को पसंद मत करना और समझे बिना किसी को खो भी मत देना मोह हृदय में होता है शब्दों में नहीं और क्रोध शब्दों में होता है ह्रदय में नहीं।
अगर जीवन में सफल होना है तो ये पांच बातें हमेशा याद रखना पहले खुद पर विश्वास करो।
दूसरी लोगों की बातों पर ध्यान मत दो तीसरी बाकी काम से ज्यादा अपने लक्ष्य को महत्त्व दो, चौथी समय की कद्र करो और पांचवी हार जीत के परे निरंतर प्रयास करो।
लोगों से डरना छोड़ दीजिए इज्जत ऊपर वाला देता है, लोग नहीं, ताकत सत्ता जवानी।
सबकी एक एक्सपाइरी डेट होती है इसलिए हमेशा विनम्र रही है।
ईश्वर हमें कभी सजा नहीं देते, हमारी कर्म ही हमेशा सजा देती है।
जैसे मार्ग पर हम चलते हैं वैसे ही मंजिल हमें मिलती है गुनाह जब करना तो ज़रा हिसाब रखना लौटकर आएगा।
शव इतना ख्याल रखना अकेला जरूर हूँ पर मतलब की खातिर कभी किसी के पैर नहीं पड़े।
ना मोहब्बत ना दोस्ती के लिए वक्त रुकता नहीं किसी के लिए अपने दिल को ना दुखा दे यूं ही इस जमाने की बेरूखी वक्त के साथ चलता रहे।
यही बेहतर है आदमी के लिए क्नॉइस।
लोहा नरम होकर औजार बन जाता है, सोना नरम होकर जेवर बन जाता है, मिट्टी नरम होकर खिलौना बन जाती है और आटा नरम होकर रोटी बन जाती है।
ठीक इसी तरह इंसान भी नरम हो जाए तो लोगों के दिलों में अपनी जगह बना लेता है।
किसी चीज़ की सिर्फ चाह रखने से कुछ नहीं होता।
तुम्हें उसे पाने की भूख भी होनी चाहिए।
जब तक किसी बात की पूरी जानकारी ना हो तब तक हमें मौन ही रहना चाहिए क्योंकि अधूरा सत्य से पूर्ण झूठ कई गुना ज्यादा खतरनाक होता है।
इस दौर के लोगों में वफा ढूंढ रहे हो।
भरे नादान हो साहब जहर की शीशे में दवा ढूंढ रहे हो।
ज्यादा बहस अक्सर रिश्तों को खराब कर देती है इसलिए कभी कभी खामोश भी बेहतरीन होती है।
जीवन में इतने व्यस्त रहिए कि पछतावा, डर, दुख और नफरत के लिए समय ही ना मिले।
क्योंकि जीवन में खाली व्यक्ति ही सबसे ज्यादा दुखी रहता है।
अगर आप को झुकना है तो किसी की विनम्रता के आगे झुकिए किसी की शक्ति के आगे रूप के आगे और धन के आगे तो बिल्कुल भी मत झुकना तजुर्बा कहता है।
रिश्तों में फासला रखिए क्नॉइस ज्यादा नजदीकियां अक्सर दर्द दे जाती है।
अपनों से सिर्फ उतना ही रूठ हो कि आपकी बात और सामने वाले की इज्जत दोनों बरकरार रहे।
शब्द और व्यवहार ही मनुष्य की असली पहचान है।
चेहरा और हैसियत का क्या आज है कल नहीं है।
उसूलों पे चलती है अपनी दुनिया जो वफादार नहीं, वह अपना यार नहीं मुझ में 1000 खामियां है माफ़ कीजिए पर अपने आईने को भी साफ कीजिए ख्वाहिशें बादशाह को भी गुलाम बना देती है।
और सब्र गुलाम को भी एक बादशाह बना देता है।
कर्ज चुकाया जा सकता है पर एहसान चुकाने का कोई उपाय नहीं होता।
लक्ष्य पाने के लिए घर से निकलना पड़ता है।
बस ख्वाब देखने से मंजिल नहीं मिला करते।
वक्त ने दिखाई है सबकी असलियत।
वरना हम तो वो थे जो हर किसी को अपना कहा करते थे।
जाते ही शमशान में मिट गई सारी लकीर पास पास जल रहे थे राजा और फकीर तेरी मर्जी से ढल जाऊं हर बार ये मुमकिन नहीं मेरा भी अपना वजूद है, कोई आईना नहीं क्नॉइस।
शक्ति चाहिए तो ज्ञान हासिल करो और सम्मान चाहिए तो चरित्र अच्छा करो, जिसके साथ बात करने से खुशी दोगुनी और दुख आधा हो जाए वही तो अपना है।
बाकी तो बस दुनिया है, जो सोचा था वह हुआ नहीं और जो हो रहा है क्नॉइस।
वो कभी सोचा भी नहीं।
कुछ रिश्ते दरवाजे खोल जाते हैं या तो दिल के या आँखों के इंसान का नहीं, उसके अच्छे स्वभाव का महत्त्व होता है।
कोई पल भर में ही दिल जीत लेता है और कोई सालों साल रह कर भी जीत नहीं पाता क्नॉइस भगवान से ना डरो तो चलेगा लेकिन कर्म से डरना जरूरी है क्योंकि कर्म का फल तो भगवान को भी भोगना है।
ये रोटी भी सस्ती नहीं है।
कोई इसे कमाने के लिए दौड़ रहा है तो कोई इसे पचाने को अगर दिशा दिखाने वाला सही हो।
तो दीपक का प्रकाश भी सूर्य का कार्य करता है।
बुराइयों से दूर रहने के लिए अच्छाई का विकास कीजिए और अपने मन को अच्छे विचारों से भर लीजिए।
लोग जैसे हैं, उन्हें उसी रूप में पसंद करने और स्वीकार करने की कोशिश कीजिए।
ना की अपेक्षाएं या कामनाएं कीजिए कि वो वैसा हो जाएगा जैसा आप चाहते हैं।
बीते हुए कल अफसोस और आने वाले कल की चिंता ये ऐसे दो छोर हैं जो हमारे आज की खूबसूरती को ही चुरा लेते हैं।
अगर इच्छाओं के रहते क्नॉइस प्राण चले जाए तो मृत्यु हो गई और प्राण के रहते इच्छाएं चले जाएं तो मुक्ति हो गई।
दरिया बनकर किसी को डूबाने से अच्छा है कि जरिया बनकर किसी को बचाया जाए।
लोग आपको ज़रा सी बात पर छोड़ देते हैं और श्री कृष्ण ज़रा सी प्रार्थना से।
आपका हाथ थाम लेते हैं।
उनकी बातों की तरफ ज़रा सा भी ध्यान मत दीजिए, जो आपकी पीठ पीछे आपकी चुगली करते हैं।
इसका सीधा सा अर्थ है आप उनसे दो कदम आगे हैं।
उपवास हमेशा अन्न का ही क्यों?
लोभ, लालच, चुगली, क्नॉइस?
काम, क्रोध और गंदे विचार का भी होना चाहिए।
स्वार्थ तो मनुष्य के व्यवहार में ही शामिल है।
बारिश रुक जाने के बाद छाता भी उसे बोझ लगने लगता है।
भरोसे में सावधानी भी आवश्यक है क्योंकि कभी कभी खुद के दांत भी जीव को ही काट लेते हैं।
क्नॉइस अर्जुन ने 10,00,000 सैनिकों को त्याग करके श्री कृष्ण को चुना ये विश्वास का सबसे उत्तम उदाहरण है।
अकेले चलने वाले लोग घमंडी नहीं होते।
वो दरअसल हर काम में अकेले ही काफी होते हैं।
आपके उस समय सही थे।
इसे कोई याद नहीं रखता, लेकिन आप कब गलत थे इसे सभी याद रखते हैं।
इंसान को खुद की नजर में सही होना चाहिए।
दुनिया तो भगवान से भी दुखी है।
उस इंसान से कभी झूठ मत बोलिए, जिससे आपके झूठ पर भी विश्वास हो।
संसार में।
केवल मनुष्य ऐसा मातृप्राणी है जिसका जहर उसके दांतों में नहीं, उसकी बातों में है।
संभाल कर रखी हुई चीज़ और ध्यान से सुनी बात कभी भी काम आ सकती है।
जो लोग आपकी जज्बातों की कदर नहीं करते, उन्हें अलविदा कहने में कोई बुराइ नहीं है।
क्नॉइस खुद से ज्यादा हमें कोई नहीं बदल सकता।
जो लोग आपके बारे में सोचते हैं वह महत्वपूर्ण नहीं है।
जो आप अपने बारे में सोचते हैं वह महत्वपूर्ण है।
जब तुम्हें लगे कि तुम्हारा कोई नहीं है तो आसमान की तरफ देखना वहाँ वह है जो हमेशा से तुम्हारा था।
और हमेशा ही रहेगा जीस डर से आत्मविश्वास की हानि होने लगे, उस दर का अंत करना ही आवश्यक हो जाता है।
किसी के बारे में गलत अनुमान मत लगाया करो, क्योंकि आप नहीं जानते कि उनकी जिंदगी में कितनी उलझने हैं।
जैसे जैसे आयु बढ़ती है।
तुम्हें ये एहसास होने लगता है कि तुमने उन लोगों को महत्त्व दिया जिनका तुम्हारे जीवन में कोई योगदान ही नहीं था।
1 दिन तुम्हारे ही कर्म तुमसे मिलने आएँगे।
बस उस दिन हैरान मत होना घमंड बता देता है कि पैसा कितना है?
संस्कार बता देते हैं कि परिवार कैसा है और बोली बता देती है कि इंसान कैसा है, स्वार्थ का पता उससे नजदीकियां बढ़ाने पर चलता है।
उन्हें स्वार्थ का पता उससे दूरियां बढ़ाने पर चलता है।
छोटे व्यक्ति की ऊंची आवाज।
सच्चे व्यक्ति को भी चुप करा देती है, लेकिन सच्चे व्यक्ति का मौन झूठे व्यक्ति की जड़ें हिला देती है।
जब लोग पूछते हैं कि आप क्या काम करते हैं तो असल में वो हिसाब लगाते हैं कि आपको कितनी इज्जत देनी है।
आपका खुश रहना ही आपके दुश्मनों के लिए सबसे बड़ी सजा है।
दो ऐसी चीजें हैं जिनको देने से किसी को कुछ नहीं जाता।
एक दुआ और दूसरी मुस्कराहट कुछ अलग करना है तो भीड़ से हटकर करिए भीड़ साहस तो देती है पर पहचान छीन लेती है।
जीस व्यक्ति के पास संयम और ताकत है, उस व्यक्ति से कोई मुकाबला नहीं कर सकता।
जीस व्यक्ति के पास संयम की ताकत है, उस व्यक्ति से कोई भी मुकाबला नहीं कर सकता एक कड़वा सच जब इंसान आपसे प्यार करता है तो आपकी बुराइ भूल जाता है पर आपसे जब नफरत करता है तो आपकी अच्छाई भूल जाता है।
क्नॉइस।
किसी भी व्यक्ति से अत्यधिक लगाव हानिकारक है क्योंकि लगाव उम्मीद की ओर ले जाता है और उम्मीद दुख का कारण बनती है।
पढ़ाई करने से आधा जीवन गुजार देते हैं लोग और सीखते क्या है?
एक दूसरे को नीचा दिखाना श्री कृष्ण कहते हैं।
अपनी पीड़ा के लिए संसार को दोष मत दीजिए, अपने मन को समझाओ, तुम्हारे मन का ही परिवर्तन तुम्हारे दुखों का अंत है।
कुछ नया सीखने के लिए यह स्वीकार करना जरूरी है कि हर व्यक्ति किसी ना किसी बात में हमसे बेहतर है।
क्नॉइस।
पैसा तो सब कमाते हैं, दुआएं भी कमाओ दुआएं वहाँ काम आती है जहाँ पैसा कभी काम नहीं आता, छल करोगे तो छल मिलेगा, आज नहीं तो कल मिलेगा अगर जियोगे जिंदगी सच्चाई से तो सुकून हर पल मिलेगा क्नॉइस।
जीवन में रिश्तों की असलियत और अहमियत इस बात से तय की जाती है कि आप कितने मशहूर और आप कितने बदनाम है?
आपकी कामयाबी और नाकामयाबी कितनी है?
अगर आपका कोई रिश्ता वाकई में सच्चा है तो हालत बिगड़ने पर भी या समय कठिन आने पर भी।
आपका रिश्ता नहीं बिगड़ता घमंड और पेट जब ये दोनों बढ़ते हैं तब इंसान चाह कर भी किसी को गले नहीं लगा सकता।
कोई भी इंसान अपनी जुबान और अच्छे कर्मों से पहचाना जाता है, क्योंकि अच्छी बातें तो दीवार पर भी बहुत लिखी होती है।
समय जब पलटता है तो सब पलटकर रख देता है।
इसलिए अच्छे दिनों में अहंकार न करो, क्योंकि खराब समय आने में वक्त नहीं लगता।
सबका वक्त कभी न कभी जरूर बदलता है।
जरूरत है तो सिर्फ हमें वक्त के साथ चलने की।
जन्म के समय नाम नहीं होता, मातृ सांसें होती हैं, मृत्यु के समय नाम तो होता है पर सांसें नहीं होती है और इन्हीं सांसें और नाम के बीच की यात्रा को हम जीवन कहते हैं।
बदलना तय है हर चीज़ का इस संसार में।
बस अच्छे कर्म करते रहिए, किसी का जीवन बदलेगा, किसी का दिल बदलेगा तो किसी दिन बदलेंगे।
आर्थिक स्थिति कितनी भी अच्छी क्यों ना हो लेकिन जीवन का आनंद लेने के लिए मानसिक स्थिति का अच्छा होना आवश्यक है।
अगर तुम्हें अपने जीवन के सारे प्रश्नों के उत्तर चाहिए तो ये सभी प्रश्न तुम सिर्फ स्वयं से करो।
संबंध कभी मीठी आवाज़ या सुंदर चेहरे से नहीं टिकेंगे।
वो टिकते हैं सुंदर हृदय और कभी ना टूटने वाले विश्वास से।
अगर कोई काम करने लायक है तो उसे मन से करो, उसमें आपको सफलता जरूर प्राप्त होगी।
आप अपने विचारों को बदलिए।
निश्चित रूप से यह विचार आपके जीवन को बदल देंगे।
एक बात हमेशा याद रखिए कि स्वयं के अलावा किसी की शरण में मत जाओ।
देखते समय सिर्फ देखिए सुनते समय केवल सुनिए, महसूस करते समय सिर्फ महसूस कीजिए और सोचते समय केवल सोचिए यही वास्तविक कर्म है।
रूठ जाने के बाद कसूर चाहे किसी का भी हो, बात शुरू वही करता है।
जो बेहद प्रेम करता है रिश्ते निभाने के लिए बुद्धि नहीं दिल की शुद्धि होनी चाहिए सत्य कहो, स्पष्ट कहो, सम्मुख कहो, जो अपना होगा वह समझेगा जो पराया होगा वह छूटेगा किसी के भूल पर नाराज होने से पहले।
अपनी 10 भूल को भी गिन लेनी चाहिए।
लोग कहते हैं कि पैसा रखो बुरे वक्त में कम आएगा, लेकिन मैं कहता हूँ कि ईश्वर पर यकीन रखो, बुरा वक्त ही नहीं आएगा।
जो मेहनत पर भरोसा करते हैं वो किस्मत की बात कभी नहीं करते।
जीस व्यक्ति को अपने रिश्तों की कदर नहीं है उसके साथ खड़े होने से अच्छा अकेले खड़े रहना है वह अभिमान नहीं स्वाभिमान है मेरी गलतियाँ मुझसे कहो ना कि दूसरों से, क्योंकि सुधरना मुझे है उनको नहीं।
सुख और दुख में कोई ज्यादा भेद नहीं है।
जिसे मन स्वीकार करें वह सुख और जिसे अस्वीकार करें वह दुख सारा खेल हमारे स्वीकृति और अस्वीकृति का ही है।
जीवन उन लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ है जो इसका आनंद ले रहे हैं।
उन लोगों के लिए मुश्किल है जो इनका विश्लेषण कर रहे हैं।
सुखी होने के लिए ज्यादा खर्च नहीं होता है, लेकिन हम कितने सुखी हैं ये लोगों को दिखाने में ज्यादा खर्च होता है।
शरीर से कोई सुंदरता नहीं है।
सुंदर होते हैं व्यक्ति के कर्म।
उनके विधाएं, उनकी वाणी, उसके व्यवहार, उसके संस्कार और उसका चरित्र, जिसके जीवन में यह शव है, वहीं इंसान दुनिया का सबसे सुंदर शख्स है।
धोखा और छल को इंसान माफ़ जरूर कर सकता है, लेकिन भूल नहीं सकता।
एक बार एक महात्मा अपने आश्रम में एक पालतू कुत्ते के साथ टहल रहे थे, तभी अचानक एक युवक आश्रम में आया और उनके पैरों में झुक गया और कहने लगा महात्मा, मैं अपनी जिंदगी से बड़ा परेशान हूँ, मैं प्रतिदिन परिश्रम करता हूँ।
क्नॉइस।
लेकिन आज तक मुझे सफलता नहीं मिली।
पता नहीं ईश्वर ने मेरे भाग्य में क्या लिखा है, जो इतना पढ़ा लिखा होने के बावजूद भी मैं नाकामयाब हूँ।
युवक की परेशानी को महात्मा जी तुरंत समझ गए।
उन्होंने युवक से कहा, क्नॉइस?
थोड़ा मेरे इस कुत्ते को कहीं दूर तक सैर करा दो।
इसके बाद मैं तुम्हारे सभी प्रश्नों का उत्तर दूंगा।
उनकी इस बात पर युवक को थोड़ा अजीब लगा, लेकिन दोबारा उसने कोई प्रश्न नहीं किया और कुत्ते को दोहराते हुए आगे निकल पड़ा।
बहुत देर तक कुत्ते को सैर कराने के बाद जब युवक आश्रम में पहुंचा तो उन्होंने देखा कि युवक के चेहरे पर अभी भी तेज़ है।
लेकिन वह छोटा सा कुत्ता थकान से ज़ोर ज़ोर से हो हांफ रहा था।
इस पर महात्मा ने पूछा, मेरा कुत्ता इतना कैसे थक गया?
तुम तो बड़े शांत दिखाई दे रहे हो, क्या तुम्हें थकावट नहीं आई?
युवक बोला महात्मा मैं तो धीरे धीरे आराम से चल रहा था लेकिन ये अशांत था।
रास्ते में मिलने वाले सारे जानवरों के आगे पीछे दौड़ रहा था इसलिए?
एक जैसी दूरी तय करने के बावजूद भी ये इतना थक गया, तभी महात्मा ने कहा, तुम्हारे प्रश्नों का भी तो उत्तर यही है।
तुम्हारा लक्ष्य तुम्हारे अगल बगल है, वो तुमसे कहीं दूर थोड़ी है, परंतु तुम अपने लक्ष्य का पीछा छोड़कर के अन्य लोगों के आगे पीछे दौड़ते रहते हो।
क्नॉइस और इस तरह तुम जीस चीज़ को पाना चाहते हो उससे दूर चले जाते हो।
युवक उत्तर से संतुष्ट हो गया और अपनी गलती को सुधारने में लग गया।
हम भी इस कहानी के कुत्ते के सामान दूसरों को फॉलो करने में लग जाते हैं।
अगर आपका मित्र डॉक्टर है तो आप वही बनना चाहते हैं।
एल।
भले ही उसमें आपकी कोई रुचि हो या ना हो, ऐसा करके हम अपनी प्रतिभा को खो बैठते हैं और जिंदगी भर संघर्ष करते रहते हैं।
हमें सफलता मिलती नहीं इसलिए कभी दूसरों को फॉलो मत कीजिए।
अपना लक्ष्य खुद बनाइए और उसके पीछे पूरी लगन से लग जाइए।
क्नॉइस राधा कृष्ण का मिलन तो बस एक बहाना था, दुनिया को तो प्यार का सही मतलब जो समझाना था।
राधा के सच्चे प्रेम का यह इनाम है कान्हा से पहले लोग लेते राधा का नाम है प्रेम और आस्था क्नॉइस।
दोनों पर किसी का ज़ोर नहीं।
ये मन जहाँ लग जाए वही ईश्वर नजर आता है।
प्रेम एक ऐसा अनुभव है जो मनुष्य को कभी परास्त नहीं होने देता और घृणा एक ऐसा अनुभव है जो मनुष्य को कभी जीतने नहीं देता।
इंसान का मुश्किल वक्त।
उसके लिए एक तर्पण की तरह होता है जो हमारी क्षमताओं का दर्शन हमें करवाता है।
इस पूरे ब्रह्मांड में ऐसी कोई ताकत नहीं जो इंसान की अच्छाइयों की पूर्ति करें, क्योंकि इंसान की अच्छाइयां एक समुद्र के समान होती है, जिसे कभी भी भरा नहीं जा सकता।
क्नॉइस अगर आप जीवन में असफल होते हैं तो आपको दोबारा प्रयास करने में कभी नहीं घबराना चाहिए, क्योंकि जब आप दोबारा प्रयास करते हैं तो आपकी शुरुआत शून्य से नहीं बल्कि आपके अनुभव से होती है।
इस संसार में मनुष्य।
किसी भी रूप में बड़ा नहीं होता बल्कि मनुष्य के पीछे जो ताकत खड़ी होती है, वह ज्यादा बड़ी होती है।
जीस व्यक्ति के पास संतुष्टि नहीं है, उसे कितना भी मिल जाए, वे असंतुष्ट ही रहेगा।
स्वार्थ में रिश्ते बनाने की कितनी भी कोशिश करें क्नॉइस वो कभी नहीं बनते और प्रेम से बने रिश्तों को कितना भी तोड़ने की कोशिश करें, वो कभी नहीं टूटते।
अहंकार मत कर किसी को कुछ भी दे कर क्या पता तू दे रहा है या पिछले जन्म का कर्जा चुका रहा है।
जब हम स्वयं जीवन के शिल्पकार है तो चलो।
हम अपनी मुश्किलों को हराते हैं, जीवन में मुस्कुराते हैं, जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है।
उससे मत डरो जो वास्तविक नहीं है, ना कभी था ना कभी होगा।
जो वास्तविक है वो हमेशा था।
और उसे कभी नष्ट नहीं किया जा सकता।
श्री कृष्ण ने दुष्टों को भी अपनी गलती सुधारने का मौका दिया क्योंकि वो किसी मनुष्य को नहीं उसके अंदर की बुराइ को मारना चाहते थे।
शब्द उतने ही बाहर निकालने चाहिए जिन्हें वापस भी लेना पड़े तो खुद को तकलीफ ना हो क्नॉइस जीवन में कभी भी किसी से अपनी तुलना मत कीजिए।
आप जैसे हैं सर्वश्रेष्ठ है।
बड़प्पन वह गुण है जो पद से नहीं संस्कारों से प्राप्त होता है।
परायों को अपना बनाना उतना मुश्किल नहीं, जितना अपनों को अपना बनाए रखना होता है।
हमेशा छोटी छोटी गलतियों से बचने की कोशिश किया करो क्योंकि इंसान पहाड़ों से नहीं पत्थरों से ठोकर खाता है।
रिश्तों को निभाने के लिए वक्त निकलिए।
कहीं ऐसा ना हो जब आपके पास वक्त हो तो रिश्ता ही ना बचे।
वक्त और अपेक्षा बदलते ही सब के असली चेहरे सामने आ जाते हैं या फिर हमें कुछ कमी आ जाती है या वो अभिनय अच्छा कर लेते हैं जहाँ एक निराश मनुष्य किसी भी कार्य में उसका दुष्परिणाम खोज लेता है वही झिझ्यासों और आशावादी मनुष्य क्नॉइस हर मुश्किल कार्य में भी एक अवसर खोज लेता है।
किसान की भी क्या मजबूरी है?
यहाँ उसकी छत टपकती है फिर भी बरसात की दुआ भगवान से करता है।
अध्यापक और जीवन में बस इतना सा ही अंतर है।
क्नॉइस।
अध्यापक उपदेश देकर सिखाकर परीक्षा लेता है।
जीवन परीक्षा लेकर उपदेश सिखाती है।
घमंड में डूबे मनुष्य को ना तो स्वयं की चुप दिखाई देती है और ना दूसरों की कोई बात अच्छी लगती है।
हमारे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य ये है।
कि जब हम रूठ जाए तो हमें मनाने वाला भी कोई होना चाहिए।
पीड़ा तब होती है जब स्वयं को चोट लगती है, वरना दूसरों का तो सिर्फ खून ही नजर आता है।
उनकी पीड़ा नहीं, अपने शत्रु को मौन बैठा देख कर शांत रहना।
मूढ़ता की पराकाष्ठा होगी जो प्राप्त नहीं हो पाता है, बस यही याद रह जाता है वरना बाकी देती तो बहुत कुछ है।
ये जिंदगी हमें संसार को समझने से पहले स्वयं को कठोर कर लो, नहीं तो यह संसार कुचल कर रख देगा आपकी हिम्मत को।
सुगंध से हमारे कपड़ों को महकाना कोई बड़ी बात नहीं है।
आनंद तो तब आएगा जब आपके आचरण से सुगंध आए कथन तो मैं भी साधारण ही करता हूँ, बस समझने वाले इसे असाधारण बना देते हैं।
सूरज कितना भी तेज हो।
कभी महासागर को सुखा नहीं सकता, उसी तरह आशा का सागर किसी एक असफलता से खाली नहीं हो सकता।
किसी पर भी पक्का विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि नमक और शक्कर का रंग हमेशा एक जैसा होता है।
इस दुनिया में अक्सर लोग किसी को याद करके भूल जाते हैं लेकिन उसका हिसाब लगाना भी नहीं भूलते।
किसी ने भगवान से पूछा कि तुम्हारे सबसे करीब कौन है?
भगवान ने कहा वह मनुष्य जिसके पास बदला लेने की शक्ति हो और फिर भी।
उसने किसी को माफ़ कर दिया।
इस दुनिया में मैंने अपने काम से काम रखने वाले लोगों को भी देखा है और मैंने लोगों को बदलते नहीं बेनकाब होते हुए देखा है।
मुझे आकाश में ऊंचा उतना तो सीखना है, चाहे कितनी बार भी जमीन पर गिरना पड़े।
और अगर मेरी ख्वाब पूरा करना है तो चाहे स्वयं से भी क्यों न लड़ना पड़े।
हमारे जीवन ऊंचा उड़ने में कोई भी खामी नहीं है।
आप भी उड़ सकते हैं, लेकिन उतना ऊंचा उड़िये जहाँ से नीचे की जमीन साफ दिखाई दे क्नॉइस।
अपनी संतान के मुख पे खुशियां लाते लाते माँ बाप के चेहरे पर झुर्रियां भर आती है न जाने भगवान मेरी ये कैसी परीक्षा लेता है।
कठिनाइयां भी सख्त है और मुझे कभी असफल भी होने नहीं देता।
क्या बताऊँ आपको क्नॉइस कल रात मेरी जिंदगी मेरे ख्वाबों में आई थी और कहा कब तक दौड़ेगा किसी दूसरे के पीछे?
अब से स्वयं के रास्ते चल हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा इस्तेमाल ऐसे कार्य से लगाना है जो इस जीवन के बाद भी दूसरे के लिए काम आता रहे क्नॉइस।
इस संसार में सभी लोगों का मृत्यु अटल है, पर वास्तव में सभी लोग अपना जीवन जीते ही नहीं है।
मनुष्य कहता है जीवन मिला है अपने तरीके से जीने के लिए, लेकिन वहीं मनुष्य सुबह होते ही किसी और के रास्तों से जीने चला जाता है।
एक नदी एक पर्वत को बीच से काटने की ताकत रखती है, लेकिन वह पर्वत को अपने द्वारा किए गए लगातार परिश्रम से ही सफल हो पाती है।
परिश्रम करते रहो जीवन आज नहीं तो कल तुझे अवसर जरूर देगा।
उन्होंने हमें पढ़कर के इस तरह रख दिया।
एक कोने में जैसे कई लोग पुराने किताबों को रख देते हैं।
इस संसार में अपनी पहचान स्वयं देनी पड़े तो समझ लेना आपकी मंजिल अभी भी दूर है।
इस जीवन में आप तब तक नहीं पराजित हो सकते।
जब तक आप अपने प्रयास करना नहीं छोड़ देते, कठिनाइयों ने जो सबक मुझे सिखाया है, वो सबक एक एक शब्द मुझे हमेशा याद रहते हैं।
अगर आप कामयाब नहीं हो पा रहे हैं तो आपको जरूरत है अपने स्वभाव को बदलने की क्नॉइस।
हमारे जीवन में बुरे मनुष्य हमेशा अच्छा सबक सीखाकर जाते हैं।
हमें हमारा रास्ता भी सही चुनना चाहिए क्योंकि अभी हमारी इच्छित लक्ष्य रास्तों में ही मिल जाते हैं।
सफल होने में आनंद ही तब है क्नॉइस जब सारी दुनिया आपको असफल करने पर जुटी हो।
अपने जीवन में आई हुई असफलताओं से तजुर्बा प्राप्त करें जो आपको आगे जाकर मदद करेगा।
हमारे जीवन का आनंद लेने के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि आप सदा खुश रहे क्नॉइस और अपने धैर्य की तरफ अग्रसर रहे।
हमारे जीवन में हर रिश्ते का नाम हो, ये आवश्यक तो नहीं कुछ नामहीन रिश्ते हमारे रुके हुए जीवन को नई जान दे जाते हैं।
हमारे जीवन में हमारे अवगुण बताने वाले कई लोग मिलेंगे।
क्नॉइस परंतु अवगुण में छिपे सदगुण को ढूंढने वाला कोई एक ही मिलेगा।
हमें किसी भी व्यक्ति को कभी भी कम नहीं आंकना चाहिए क्योंकि ठहरे हुए जलाशय अक्सर ही गहरे हुआ करते हैं।
अपनी जिंदगी में सफल बनना है तो सतर्क रहिए।
फिर दुनिया आपको छतुर बना देगी जैसे जैसे मेरी आयु गुजरती रही, मुझे अनुभव होने लगा कि मेरे माँ बाप हर किसी चीज़ के बारे में बिल्कुल सही कहते थे।
हमारा जीवन हर आनंद लेने के लिए है, पर हम उसे आने वाली कठिनाइयों के बारे में।
विचार करते हुए व्यतीत कर देते हैं।
अगर हम अपने जीवन में किसी से कोई आशा नहीं रखते तो हमें संकट की कोई जगह भी नहीं होती।
हमारी बुरे स्वभाव पर विजय हासिल करने से ज्यादा आनंद जीवन में किसी और चीज़ में नहीं मिलता।
इस संसार में प्रगति वह शास्त्र है जिसे शत्रु को भी अपना सखा आसानी से बनाया जा सकता है।
अगर मुझे नदी पार करनी है तो मुझे उसमें कूदना पड़ेगा, वैसे ही अगर मुझे सफल होना है तो मुझे प्रयास करना पड़ेगा।
इस जीवन में सब लोग पराए ही हैं, बस कुछ बातें जरूर अपनों जैसे कर लेते हैं।
अपने धैर्य को प्राप्त करने के लिए, बातों से नहीं बल्कि कई रातों से लड़ना झगड़ना पड़ता है।
मैं निकला था ढूंढने उसको इस दुनिया की भीड़ में, पर मैं खुद ही खो बैठा।
जो मनुष्य असफलता के डर से कभी प्रयास भी नहीं करता, वो इंसान जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकता।
खुद के सपनों का कतल कर दिया।
मैंने किसी और के सपनों को पूरा करने के लिए अगर अपनी जिंदगी को समझना है तो पीछे देखो।
और अगर आनंद से जीना है तो हमेशा आगे देखो।
इस संसार में सच्चे मनुष्य को हमेशा झूठे मनुष्य से अक्सर ज्यादा सफाई देनी पड़ती है।
जिंदगी में वक्त हर बुरे वक्त को जरूर बदल देता है।
जीवन में जो पैसे से भी मिल ना सके।
कुछ ऐसा शौक मैं रखता हूँ जिंदगी की हर कठिनाइयों के लिए अपने आप को हमेशा तैयार रखता हूँ।
हमारी जिंदगी में कभी कभी हम किसी को अपना सब कुछ बना लेते हैं मगर हम उनके लिए कुछ भी नहीं होते।
गर्व ना करना कभी अपनी जिंदगी में किस्मत हमेशा बदलती रहती है, आईना वही रहता है, बस उसमें आकृति बदलती रहती है।
मैं चलने की कोशिश कर रहा हूँ उस कठोर रास्ते पर जीस, पर मेरी जिंदगी मुझे ले जाना चाहती है क्नॉइस जिंदगी में ज़रा सा पागलपन अपने सपने पूरे करने के लिए होना बहुत आवश्यक है।
जिनको तैरना ही मैंने सिखाया है, वहीं आज मुझे डुबाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस जिंदगी में हमेशा एक बात याद रखना।
मित्रता और आशीर्वाद से बस अपना मन साफ रखना सुकून ढूंढ रहा हूँ मैं आजकल वैसे तो जिंदगी ने खुशियां तो बहुत दी है।
इस जीवन में अभी मुझे बहुत कुछ पढ़ना है, कुछ अच्छी किताबें, कुछ लोग, कुछ आंखें महासागर जैसी इस विश्व में।
हम कागज की नींव लिए आगे चल रहे हैं।
हमेशा याद रखना अपने जीवन में अच्छे समय को देखने के लिए बुरे समय को भी झेलना पड़ता है।
इसलिए हमेशा प्रयास करते रहो।
मुझे मित्रता करनी है इस समय के साथ।
मैंने देखा है ये अच्छे अच्छों को पूरा बदल देती है।
हर कोई चिंतित है मेरे ज्यादा बोलने से और मैं चिंतित हूँ अपने अंदर के निःशब्दता से जब तक जीना न सीखा देती है ये जिंदगी आपको मरने भी नहीं देती।
अगर जीवन में किसी की उम्मीद ना हो तो बड़ी से बड़ी कठिनाइयां भी छोटी सी लगती है।
जिंदगी में सफलता हाथों की लकीरों से नहीं बल्कि माथे के पसीने से यानी परिश्रम से मिलती है।
मेरी जिंदगी एक चक्रव्यूह है और मैं उसका अर्जुन।
मेरा पूरा जीवन एक बड़ी कहानी है और उसमें ऐसे हजारों पन्ने हैं जो मैंने अभी तक नहीं पढ़े हैं।
कुछ करने की शुरुआत जीवन में ख्वाब देखने से ही शुरू होती है और वो ख्वाब पूरे करने पर खत्म इस संसार में।
मनुष्य जिंदगी भर हर चीज़ के पीछे भागते रहता है और मनुष्य यह पता लगाना भूल जाते हैं कि सबसे कीमती खजाना तो उसके भीतर ही है।
जीवन को खुशहाल बनाने के लिए हमेशा सही समय पर कड़वा झूठ पीना जरूरी होता है।
क्नॉइस?
जब तक आप किसी काम को करने के लिए अपना कदम नहीं बढ़ाते, तब तक वह काम आपको कठिन लगता है।
हमारा जीवन जिन्हें खुशी नहीं दे पाता, उन्हें वह अनुभव जरूर करा देता है।
इस संसार का सबसे कठिन काम है पराए लोगों में अपनों को ढूंढना।
जब कोई भी मत खोलना मेरे जीवन की पुरानी यादों को जो मैं था अब रहा नहीं जो मैं अब हूँ वो किसी को पता नहीं दिल से ज्यादा सुरक्षित स्थान नहीं है संसार में मगर सबसे ज्यादा लोग।
लापता भी यहीं से हो जाते हैं।
अक्सर वही लोग बदल देते हैं इस दुनिया को, जिन्हें ये दुनिया कुछ करने के काबिल नहीं समझते।
जब मनुष्य के जीवन में हालत बिगड़ जाते हैं तो कुछ लोग बहुत टूट जाते हैं और कुछ लोग रिकॉर्ड तोड़ देते हैं।
जो मुझे रोज़ मिलते हैं वो मुझे जानते नहीं और जो मुझे जानते हैं वो मुझे रोज़ मिलते नहीं।
अपनी मुसीबतों का कारण किसी दूसरों को मानने से आप की मुसीबतें कभी कम नहीं हो सकती।
अगर आप खुद को जिंदा मनुष्य समझते हो क्नॉइस तो हमेशा गलत का प्रतिकार करना सीखो, क्योंकि सागर की लहरों के साथ लाशें बहा करती हैं, कुशल तैराक नहीं जीवन में सदा काम करते रहने की आदत ही आपको सफल इंसान बना सकती है।
जीवन के कुछ अच्छे पल?
आप अपने और अपनों के साथ गुजार लीजिए।
क्या पता आपको फिर से यह पल मिले या ना मिले?
सफलता पाने के लिए एक रात काफी नहीं इसे पाने के लिए बहुत रातों को जागना पड़ता है।
जीवन में होने वाली गलतियों का उद्देश्य आपको बिगड़ना नहीं।
सुधारना होता है ये जीवन के मायने हमें असली संसार के अनुभव सिखलाती है जब आप अपने जीवन से चारों ओर से हताश और निराश हो।
जब दुखों ने आपको हर जगह से घेर रखा हो तब आप सच्चे मन में श्री कृष्ण जीके नाम का दीपक जलाना।
और अपना सब हाल श्री कृष्ण को सुना देना श्री कृष्ण स्वयं आपके शब्द दुख करने आएँगे।
मनुष्य अपने सच्चे हृदय से जो दान दे सकता है, वे अपने हाथों से नहीं दे सकता और मौन रहकर हम जो कह सकते हैं, वे हम अपने शब्दों से नहीं कह सकते।
श्री कृष्ण कभी भी हमारा हाल नहीं पूछते पर वो हमारी सब खबर रखते हैं।
श्री कृष्ण अपने सच्चे भक्तों पे हर घड़ी नजर रखते हैं।
प्राचीन समय की बात है।
एक राज्य में एक राजा राज़ करता था, उसका राज्य खुशहाल था।
धन धानने की कोई कमी नहीं थी।
राजा और प्रजा खुशी खुशी अपना जीवन यापन कर रहे थे।
एक वर्ष उस राज्य में भयंकर अकाल पड़ा।
पानी की कमी से फसलें सूख गया।
ऐसी स्थिति में किसान राजा को लगान नहीं दे पाए।
लगान प्राप्त न होने के कारण।
राजस्व में कमी आ गई और राजकोष खाली होने लगा।
यह देख राजा चिंता में पड़ गया।
हर समय वह सोचता रहता कि राज्य का खर्चा कैसे चलेगा?
अकाल का समय निकल गया, स्थिति सामान्य हो गई, किंतु राजा के मन में चिंता घर कर गई।
क्नॉइस।
हर समय उसके दिमाग में यही रहता कि राज्य में पुनः अकाल पड़ गया तो क्या होगा?
इसके अतिरिक्त भी अन्य चिंताएं उसे घेरने लगी।
पड़ोसी राज्य का भय, मित्रों का षड्यंत्र जैसी कई चिंताओं ने उसकी भूख, प्यास और रातों की नींद छीन ली थी।
क्नॉइस।
वो अपनी इस हालत से परेशान था किंतु जब भी वह राज़ महल में राज़ महल के माले को देखता तो आश्चर्य में पड़ जाता।
दिनभर मेहनत करने के बाद वह रुखी सूखी रोटी ही खाता और पेड़ के नीचे मज़े से सोता।
कई बार राजा को उससे जलन होने लगती।
1 दिन उसके राजदरबार में एक सिद्ध साधु पधारे।
राजा ने अपनी समस्याएं साधु को बताई और उसे दूर करने का सुझाव मांगा।
साधु राजा की समस्या अच्छी तरह से समझ गए।
वह बोले राजन तुम्हारी चिंता की जड़राजपाठ है।
अपना राजपाट, पुत्र को देखकर चिंतामुक्त हो जाओ, इस पर राजा बोला गुरुवार मेरा पुत्र पांच वर्ष का है।
वह अबोध बालक राजपाट कैसे संभालेगा?
साधु बोले तो फिर ऐसा करो कि अपनी चिंता का भार तुम मुझे सौंप दो।
क्नॉइस।
राजा तैयार हो गया और उसने अपना राजपाठ साधु को सौंप दिया।
इसके बाद साधु ने पूछा अब तुम क्या करोगे?
राजा बोला सोचता हूँ कि अब कोई व्यवसाय कर लूँ, लेकिन उसके लिए धन की व्यवस्था कैसे करोगे?
अब तो क्नॉइस।
राजपाट मेरा है, राजकोष के धन पर भी मेरा अधिकार है।
राजा ने उत्तर दिया तो मैं कोई नौकरी कर लूँगा, ये ठीक है, लेकिन यदि तुम्हें नौकरी ही करनी है तो कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं, यही नौकरी कर लो क्नॉइस मैं तो साधु हूँ, मैं अपनी कुटिया में ही रहूंगा।
राजमहल में ही रहकर मेरी ओर से तुम ये राजपाट संभालना।
राजा ने साधु की बात मान ली और साधु की नौकरी करते हुए राजपाट संभालने लगे।
साधु अपनी कुटिया में चले गए।
क्नॉइस।
कुछ दिन बाद साधु पुनः राज़ महल आए और राजा से भेंट कर पूछा, कहो राजन, अब तुम्हें भूख लगती है या नहीं?
और तुम्हारी नींद का क्या हाल है?
गुरुवार अब तो मैं खूब खाता हूँ और गहरी नींद सोता हूँ क्नॉइस।
पहले भी मैं राजपाट का कार्य करता था, अब भी करता हूँ।
राजा ने अपनी स्थिति बताते हुए प्रश्न भी पूछ लिया, फिर ये परिवर्तन कैसे?
ये मेरी समझ से बाहर है।
साधु मुस्कराते हुए बोले राजन, पहले तुमने काम को बोझ बना लिया था।
और उस बोझ को हर समय अपने मानस पटल पर ढोया करते थे।
किंतु राजपाट मुझे सौंपने के उपरांत तुम समस्त कार्य अपने कर्तव्य समझकर करते हो इसलिए चिंतामुक्त हो दोस्तों क्नॉइस।
इस कहानी से हमें ये सीख मिलती है कि जीवन में जो भी कार्य करें, अपना कर्तव्य समझ कर करें ना कि बोझ समझ कर यही चिंता से दूर रहने का एकमात्र तरीका है तो दोस्तों इस वीडियो में बस इतना ही क्नॉइस।
अगर इस वीडियो से आपने कुछ भी सीखा हो तो कमेंट में जयश्री राधेकृष्ण अवश्य लिख दीजिए और वीडियो को लाइक और शेयर कीजिए और चैनल को सब्सक्राइब करके बेल नोटिफिकेशन आइकॉन को ऑल पर सेलेक्ट कर लीजिए।
मिलते हैं अगले वीडियो में क्नॉइस।
तब तक के लिए अपना ख्याल रखिएगा।
धन्यवाद जय श्री कृष्णा।
Podcast Summary
Key Points:
श्रीमद्भागवत गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन ज्ञान का स्रोत है।
जीवन में सफलता, सकारात्मक ऊर्जा, निर्णय लेना और भावनात्मक स्थिरता के लिए गीता के सिद्धांत उपयोगी हैं।
आनंद, क्रोध और दुःख की अवस्था में महत्वपूर्ण निर्णय लेने या वचन देने से बचना चाहिए।
उत्साह, मौन, समय का सम्मान और स्वयं पर विश्वास सफलता के मूल तत्व हैं।
रिश्तों में इज्जत, विश्वास और समय देना आवश्यक है; मतलबी रिश्ते टिकाऊ नहीं होते।
जीवन में चुनौतियाँ स्वाभाविक हैं; मेहनत, सकारात्मक सोच और लगातार प्रयास से ही सफलता मिलती है।
अंततः, अच्छे कर्म, विनम्रता और आत्म-सुधार ही सच्चा सुख और शांति देते हैं।
Summary:
यह पाठ श्रीमद्भागवत गीता को एक व्यापक जीवन दर्शन के रूप में प्रस्तुत करता है, जो केवल धार्मिक उपदेश तक सीमित नहीं है। इसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे सफलता प्राप्ति, व्यक्तित्व निर्माण, समस्या-समाधान और भावनात्मक संतुलन के लिए मार्गदर्शन दिया गया है। मुख्य संदेश यह है कि आनंद, क्रोध या दुःख की अवस्था में बड़े निर्णय नहीं लेने चाहिए। उत्साह और स्वयं पर विश्वास सफलता की कुंजी हैं। रिश्तों को इज्जत और समय देकर ही मजबूत बनाया जा सकता है, जबकि मतलबी रिश्ते निरर्थक हैं। जीवन की चुनौतियों का सामना साहस से करना, लगातार प्रयास करना और अच्छे कर्मों पर ध्यान केंद्रित करना ही वास्तविक सुख और शांति का मार्ग है। अंततः, व्यक्ति को स्वयं को बेहतर बनाने, विनम्र रहने और समय के मूल्य को समझने पर जोर दिया गया है।
FAQs
श्रीमद्भागवत गीता सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि इसमें जीवन जीने का व्यावहारिक ज्ञान है, जैसे सपने पूरे करना, समस्याओं का समाधान ढूँढना और भावनात्मक स्थिरता पाना।
गीता के अनुसार, गुस्सा आने पर उसे त्याग देना चाहिए या मौन रहना चाहिए, क्योंकि क्रोध में बोले गए शब्द भविष्य में परेशानी का कारण बन सकते हैं।
दुखी मन से निर्णय लेना गलत है क्योंकि दुख सोचने-समझने की शक्ति को बाधित कर देता है, जिससे गलत फैसले हो सकते हैं जो बाद में और दुख देते हैं।
गीता के अनुसार, उत्साह मनुष्य को कर्मों में प्रेरित करता है और उसी उत्साह से कर्म सफल होते हैं, यह सफलता का मूल है।
अच्छे समय में घमंड नहीं करना चाहिए और बुरे समय में सब्र नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि समय के साथ हालात बदल जाते हैं।
विश्वास पाना और बनाए रखना कठिन है, लेकिन यह जीवन का आधार है; संदेह करने वाले को खुशी नहीं मिलती, और विश्वास टूटने पर उसे दोबारा पाना मुश्किल होता है।
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