Go back

All You Need is Love | FOTM | Martyna Dharmina Febre

2m 16s

All You Need is Love | FOTM | Martyna Dharmina Febre

एक शिक्षार्थी ने बताया कि उन्हें गुरु पैदल जीवन के दौरान श्री कृष्ण शरणामा मंत्र के साथ जागरण कराया गया था और इस मंत्र के लिए उन्हें गुरु के वचन में जागता रहा। गुरु ने उन्हें माला पहनाई और इस मंत्र को उनके कान में कहा जिसके बाद उन्हें इसकी ध्वनि के साथ जीवन में अपने भीतर जागता रहा। जब उन्हें इस मंत्र के जाप के दौरान इसकी आवाज के साथ गुरु की आवाज सुनाई देती रही, तब उन्हें इस मंत्र के लिए एक गहरा आध्यात्मिक बंध महसूस हुआ। इस मंत्र को उन्होंने गुरु के अधिकार के रूप में और उनके शिष्यों के लिए एक आध्यात्मिक संदेश के रूप में प्रस्तुत किया। इसका उद्देश्य गुरु के आध्यात्मिक जीवन के साथ एक सहस्वर में सम्मान करना और उन्हें उनके शिष्यों तक पहुंचाना है। यह मंत्र न केवल एक जाप है बल्कि एक आध्यात्मिक आवाज और गुरु के विचार के प्रतिनिधि है।

Transcription

134 Words, 735 Characters

Hindi
[Music] Shri Krishna Sharanamama, I hear this mantra in Padmaji's voice, because I think many of you also have been initiated with this mantra by Padmaji herself. And I can remember in my teacher training when she put the mala around my head and she whispered it in my ear, and since ever since, actually, I can hear her saying it. Also, if I practice japa with it, it's still her voice in my ear. So, I think it's a very precious, very sacred moment, and that's also why I wanted to offer the chant to her. [Music] Shri Krishna Sharanamama, I hear this mantra in my ear. Shri Krishna Sharanamama, Shri Krishna Sharanamama, Shri Krishna Sharanamama, I hear this mantra in my ear. Shri Krishna Sharanamama, I hear this mantra in my ear.

Podcast Summary

Key Points:

  1. भगवान श्री कृष्ण शरणामा गुरु के साथ जागरण के दौरान गुरु द्वारा श्रवण किया गया था और इसके बाद उन्हें अपने अंदर घूमने की विशेष सुनिश्चितता मिली।
  2. गुरु ने शिक्षार्थी के साथ माला पहनाई और इस मंत्र को उनके कान में गुप्त रूप से बोला, जिससे उन्हें आधुनिक जीवन में भी इसकी ध्वनि के साथ जागता रहा।
  3. यह मंत्र जाप के दौरान भी गुरु के वचन में बदलता रहा, जो उनके दिमाग में एक आध्यात्मिक बंध का प्रतिनिधि है।
  4. इस मंत्र के निर्माण और उपयोग के लिए गुरु द्वारा प्रेरित किया गया था जो एक आध्यात्मिक ओ अनुभव के रूप में माना जाता है।
  5. आवाज के साथ गुरु के अंतिम शिक्षण और आध्यात्मिक विश्वास के बीच एक गहरा बंध बन गया था।
  6. इस मंत्र को गुरु के नाम में प्रस्तुत करने का उद्देश्य उनके शिष्यों द्वारा उनके आध्यात्मिक जीवन का अनुग्रह करना है।
  7. इस मंत्र को गुरु के वचन के रूप में गुरु के साथ जोड़ा जा रहा है।
  8. यह न केवल एक मंत्र है बल्कि एक आध्यात्मिक आवाज के रूप में गुरु के अधिकार के प्रतिनिधित्व है।

Summary:

एक शिक्षार्थी ने बताया कि उन्हें गुरु पैदल जीवन के दौरान श्री कृष्ण शरणामा मंत्र के साथ जागरण कराया गया था और इस मंत्र के लिए उन्हें गुरु के वचन में जागता रहा। गुरु ने उन्हें माला पहनाई और इस मंत्र को उनके कान में कहा जिसके बाद उन्हें इसकी ध्वनि के साथ जीवन में अपने भीतर जागता रहा। जब उन्हें इस मंत्र के जाप के दौरान इसकी आवाज के साथ गुरु की आवाज सुनाई देती रही, तब उन्हें इस मंत्र के लिए एक गहरा आध्यात्मिक बंध महसूस हुआ। इस मंत्र को उन्होंने गुरु के अधिकार के रूप में और उनके शिष्यों के लिए एक आध्यात्मिक संदेश के रूप में प्रस्तुत किया। इसका उद्देश्य गुरु के आध्यात्मिक जीवन के साथ एक सहस्वर में सम्मान करना और उन्हें उनके शिष्यों तक पहुंचाना है। यह मंत्र न केवल एक जाप है बल्कि एक आध्यात्मिक आवाज और गुरु के विचार के प्रतिनिधि है।

FAQs

हाँ, अगर आप अपने गुरु श्री कृष्ण शरणामा द्वारा शिक्षित हुए हैं, तो आप इस मंत्र को निरंतर अपने श्रोत्र में सुन सकते हैं। इससे आपको गुरु के साथ जोड़ा रहने का अनुभव मिलता है।

हाँ, विश्वास करने योग्य रिपोर्टों के अनुसार, गुरु श्री पद्माजी ने इस मंत्र को अपने शिष्यों के अंदर उच्चारित किया था। इसलिए उनकी आवाज के साथ सुनावा के निरंतर अनुभव होते हैं।

हाँ, जाप करने से शिष्य गुरु के साथ निरंतर संबंध बनाता है। यह एक अनुभव बनाता है जो गुरु के दर्शन और निर्देश से संबंधित है।

हाँ, इस मंत्र के जाप से आत्मिक शांति और आंतरिक स्थिरता मिलती है। यह शिष्य को गुरु के साथ समान अनुभव के निरंतर संबंध में रखता है।

हाँ, इस मंत्र को श्री कृष्ण शरणामा के नाम से चिह्नित किया जाता है, जो गुरु श्री पद्माजी द्वारा दिया गया था। इसके माध्यम से गुरु-शिष्य संबंध बनाया जा सकता है।

हाँ, इस मंत्र के सुनने से गुरु के साथ निरंतर जोड़ बनता है। इससे शिष्य को गुरु के निर्देशों के साथ बंध बनाने में मदद मिलती है।

Chat with AI

Loading...

Pro features

Go deeper with this episode

Unlock creator-grade tools that turn any transcript into show notes and subtitle files.